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Rakesh Tikait News: राकेश टिकैत की गिरफ्तारी से भड़का पश्चिमी यूपी, भाकियू की प्रशासन को बड़ी चेतावनी

Rakesh Tikait News: राकेश टिकैत ओडिशा में एक किसान पंचायत में हिस्सा लेने पहुंचे थे, जहां किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन चल रहा था.

By: Shubahm Srivastava | Published: March 30, 2026 8:00:42 PM IST



Rakesh Tikait Arrested Odisha: भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रमुख नेता राकेश टिकैत की ओडिशा में गिरफ्तारी के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तनावपूर्ण माहौल बन गया है. जैसे ही सोमवार शाम उनकी गिरफ्तारी की खबर सामने आई, भाकियू कार्यकर्ता सक्रिय हो गए और तुरंत विरोध की रणनीति तैयार कर सड़कों पर उतर आए. मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर सहित कई जिलों में किसानों ने थानों और प्रशासनिक कार्यालयों का घेराव शुरू कर दिया, जिससे कई जगहों पर जाम जैसी स्थिति बन गई.

ओडिशा में किसान पंचायत के दौरान कार्रवाई

सूत्रों के मुताबिक, राकेश टिकैत ओडिशा में एक किसान पंचायत में हिस्सा लेने पहुंचे थे, जहां किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन चल रहा था. इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. भाकियू नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के खिलाफ बताया है. मुजफ्फरनगर के जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए इसे किसान आवाज दबाने की कोशिश बताया और तत्काल विरोध का आह्वान किया.

पश्चिमी यूपी में प्रदर्शन तेज

गिरफ्तारी के विरोध में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गया. मेरठ के मवाना में भाकियू कार्यकर्ताओं ने सीओ कार्यालय का घेराव कर धरना शुरू कर दिया. किसानों का कहना है कि जब तक टिकैत को सम्मानपूर्वक रिहा नहीं किया जाएगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा. इसी तरह बिजनौर में भी कार्यकर्ताओं ने थाने के भीतर विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.

आंदोलन उग्र होने की चेतावनी

भाकियू नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर जल्द रिहाई नहीं हुई, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है. उन्होंने अन्य जिलों और थानों में भी प्रदर्शन तेज करने की बात कही है. किसान संगठनों का कहना है कि यह सिर्फ एक नेता की गिरफ्तारी का मुद्दा नहीं, बल्कि किसानों की आवाज और अधिकारों का सवाल है.

प्रशासन अलर्ट, स्थिति पर नजर

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पश्चिमी यूपी में पुलिस और प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है. सिसौली से लेकर अन्य कस्बों तक किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ प्रदर्शन की तैयारी में हैं. प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन किसानों का आक्रोश फिलहाल कम होता नहीं दिख रहा. अब नजर इस बात पर है कि ओडिशा सरकार और केंद्र सरकार इस बढ़ते दबाव पर क्या कदम उठाती हैं.

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