जालंधर, पंजाब से विपिन परमार की रिपोर्ट
Punjab: पंजाब में जालंधर के मशहूर ट्रैवल ब्लॉगर अमरीक सिंह को पंजाब पुलिस ने छोड़ दिया है। उन्हें पाकिस्तान की यात्रा करने के बाद इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के सीक्रेट इनपुट के आधार पर हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उनसे घंटों पूछताछ की गई।
पाकिस्तान यात्रा के विषय में पूछताछ
यूट्यूबर से उनकी पाकिस्तान यात्रा के दौरान संदिग्ध गतिविधियों को लेकर पूछताछ की गई। साथ ही साथ उनका डिजीटल डिवाइस भी जांच एजेंसियों ने जब्त किया है। इसकी पुष्टि खुद यूट्यूबर ने की है। हालांकि, इस मामले में पुलिस ने आधिकारिक रूप कोई बात नहीं की है।
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क्या है पूरा मामला?
यह मामला हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा और पाकिस्तान मूल के नासिर ढिल्लों से जुड़े कथित जासूसी नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, अमरीक सिंह को सोमवार शाम पुलिस ने फोन कर थाने में बुलाया था। अमरीक के थाने पहुंचने के कुछ देर बाद उनका फोन बंद हो गया था। रात करीब साढ़े 8 बजे अमरीक का फोन चालू हुआ और फिर बंद हो गया।
इसके बाद सोमवार को लगभग 10 बजे IB की टीम पुलिस सुरक्षा के बीच दोबारा अमरीक के घर पहुंची और अमरीक के यूट्यूब चैनल और दिसंबर 2024 में हुई पाकिस्तान यात्रा के बारे में अमरीक की पत्नी मनप्रीत कौर से सवाल-जवाब भी किए गए थे।
जालंधर के लोहियां खास थाने में अमरीक को पूछताछ के लिए लाया गया था। अमरीक के घर से IB टीम ने एक डिजीटल डिवाइस कब्जे में लिया था। ये वही डिजीटल डिवाइस का था, जिसमें अमरीक अपने वीडियो शूट करते थे और वीडियो से संबंधित सारा काम करते थे।
अमरीक सिंह और उनकी पत्नी मनप्रीत कौर का धार्मिक पर्यटन
दिसंबर 2024 में अमरीक सिंह और उनकी पत्नी मनप्रीत कौर धार्मिक पर्यटन के तहत पाकिस्तान गए थे। वहां उन्होंने करतारपुर साहिब, ननकाना साहिब और लाहौर के ऐतिहासिक स्थलों पर वीडियो शूट किए। अमरीक के चैनल पर इन वीडियो को लाखों व्यूज मिले, लेकिन, एजेंसियों को शक है कि इस यात्रा के दौरान उनका संपर्क कुछ ऐसे लोगों से हुआ, जो पाक खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम करते हैं। IB सूत्रों के अनुसार इसी यात्रा के बाद से एजेंसियां अमरीक और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रख रही थीं।
ISI एजेंट नासिर ढिल्लों से भेंट
अमरीक जब पाकिस्तान गए थे, तब उन्होंने पाकिस्तानी यूट्यूबर और कथित ISI एजेंट नासिर ढिल्लों के साथ वीडियो बनाए थे। अमरीक को पाकिस्तान बॉर्डर पर नासिर ढिल्लों ही लेने आया था। जानकारी के अनुसार, पिछले साल दिसंबर में अमरीक और उनकी पत्नी मनप्रीत कौर अटारी बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान गए थे।
IB और जालंधर देहात पुलिस से जुड़े सूत्रों के अनुसार IB और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम अमरीक के डिजिटल उपकरणों, ईमेल, चैट और बैंक लेनदेन की जांच की। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या अमरीक का कंटेंट केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित था या फिर उसमें ऐसे लोकेशन और जानकारियां थीं जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील मानी जा सकती हैं।
यह मामला हरियाणा की ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा के केस से मिलता-जुलता है। मई 2025 में ज्योति को IB और दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि वह पाक उच्चायोग के अधिकारियों और ISI एजेंटों से जुड़ी थी।
उस पर आरोप है कि ज्योति सोशल मीडिया पर भारत विरोधी नैरेटिव फैलाने और संवेदनशील सूचनाएं जुटाने में शामिल थी। ज्योति के नेटवर्क से ही पंजाब के यूट्यूबर जसबीर सिंह को भी पकड़ा गया। जसबीर ने जांच में कबूल किया था कि उसने 3 बार पाकिस्तान जाकर ISI अधिकारियों से मुलाकात की थी ।
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एजेंसियों के मुताबिक, ISI ने हाल के वर्षों में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, खासकर धार्मिक और ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर्स को टारगेट करना शुरू किया है। इसका मकसद भारत में नरेटिव वॉरफेयर चलाना, संवेदनशील सूचनाएं जुटाना और जनमत को प्रभावित करना है।ज्योति मल्होत्रा, जसबीर सिंह और अब अमरीक सिंह के मामलों को एक ही पैटर्न के तहत देखा जा रहा है। सभी ने धार्मिक स्थलों और सीमापार यात्राओं को अपने कंटेंट का हिस्सा बनाया और इसी दौरान संदिग्ध संपर्कों में आए।
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में अमरीक सिंह का केस केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के बीच कोआर्डिनेशन के साथ आगे बढ़ेगा। अगर पाक जासूसी नेटवर्क से कोई सीधा लिंक साबित होता है, तो उनके खिलाफ UAPA समेत अन्य सख्त धाराओं में केस दर्ज हो सकता है।
एक सप्ताह पहले भी टीम ने हनुमानगढ़ में इसी गिरोह के 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर 6 अवैध हथियार जब्त किए थे। यह ताजा कार्रवाई उसी अभियान की अगली कड़ी है।
एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा के सुपरविजन मे इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में एजीटीएफ के इंस्पेक्टर सुभाष सिंह तंवर के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कांस्टेबल सुरेश कुमार की जिसमें विशेष भूमिका रही। टीम में सहायक उप-निरीक्षक शंकर दयाल शर्मा, हेड कांस्टेबल कमल सिंह, कांस्टेबल नरेश कुमार, रतिराम और चालक सुरेश कुमार शामिल थे, वहीं, जिला हनुमानगढ़ की डीएसटी टीम में निरीक्षक हनुमानाराम, हेड कांस्टेबल सुखविंदर, कांस्टेबल साहबराम, जोतराम, रिंकू, देवकरन चोटिया, पवन और कांस्टेबल चालक धीरसिंह ने सराहनीय योगदान दिया। इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।

