NXT Summit 2026: पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित NXT समिट 2026 में वैश्विक चुनौतियों और संकट प्रबंधन पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि किसी भी देश का विकास इस बात पर निर्भर करता है कि वह कठिन परिस्थितियों में कैसे प्रतिक्रिया देता है. पीएम ने संकट के समय एकता, धैर्य और जनमानस का विश्वास बनाए रखने की महत्ता पर जोर दिया. उनका कहना था कि संकट के समय केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि समाज के सभी वर्गों का सहयोग और सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है.
संकट के समय की होती है राष्ट्र की परीक्षा
पीएम ने समिट को संबोधित करते हुए कहा कि किसी देश के विकास में सबसे बड़ा कारक यह है कि हम चुनौतियों का सामना कैसे करते हैं. हम सभी जानते हैं कि वैश्विक परिस्थितियां अचानक बदल सकती हैं. पिछले कुछ वर्षों में हमने COVID-19 का सामना किया, फिर रूस-यूक्रेन संकट आया, और अब हमारे पास एक और बड़ा युद्ध नजदीक में है. उन्होंने बताया कि चल रहे वैश्विक संघर्षों ने पूरी दुनिया को प्रभावित करते हुए व्यापक संकट पैदा कर दिया है. “इस युद्ध ने पूरी दुनिया को एक बड़े ऊर्जा संकट में डाल दिया है,” उन्होंने कहा. पीएम ने जोर देते हुए कहा कि ऐसे समय में राष्ट्र की शक्ति और सहनशीलता की परीक्षा होती है. “कठिन परिस्थितियों में, देश के रूप में हमारी प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है. संकट के समय पूरे राष्ट्र के लिए परीक्षा होती है.”
चुनौतियों से निपटने में सामूहिक प्रयास जरूरी
मोदी ने कहा कि कठिन परिस्थितियों का सामना धैर्य और सामूहिक प्रयास से किया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि शांति बनाए रखना और मिलकर काम करना देश को सबसे कठिन परिस्थितियों से पार पाने में मदद करता है. “हमें परिस्थितियों का सामना संयम और धैर्य के साथ करना चाहिए. हमें जनमानस का विश्वास बढ़ाकर और जागरूकता फैलाकर आगे बढ़ना होगा, और इसमें हर किसी की भूमिका है.
आज युद्ध के चलते जो वैश्विक संकट बना है, उससे निपटने में भारत कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहा है। pic.twitter.com/Vc4t4NBaLN
— Narendra Modi (@narendramodi) March 13, 2026
समाज के सभी वर्गों की भूमिका
पीएम ने यह भी कहा कि प्रगति और संकट प्रबंधन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है. “हर राजनीतिक पार्टी, मीडिया, सामाजिक संगठन, उद्योग, युवा, गाँव और शहर सभी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.”
COVID-19 महामारी से सीखे गए सबक
पीएम मोदी ने COVID-19 महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से संकट को बेहतर ढंग से संभाला जा सकता है. “हमने देखा कि जब सभी मिलकर काम करते हैं, तो देश की संकट से निपटने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है.
भारत को एकजुट रहना चाहिए
पीएम ने समापन में जोर दिया कि नए संकट का सामना करते समय भारत को एकजुट रहना चाहिए. आज देश के सामने एक और चुनौती है, और हमें इसे मिलकर पूरा करना होगा. हमें राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए.