Smriti Mandhana marriage controversy: गायक और संगीतकार पलाश मुच्छल ने विद्यान माने के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था, क्योंकि उन्होंने आरोप लगाया था कि भारतीय क्रिकेटर स्मृति मंधाना से उनकी शादी से एक दिन पहले उन्हें किसी दूसरी महिला के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया था. बॉम्बे हाई कोर्ट ने अब इन सनसनीखेज आरोपों के मद्देनजर पलाश को अंतरिम राहत दी है, जो स्मृति के साथ उनकी रद्द हुई शादी से जुड़े हैं. कोर्ट ने विद्यान माने को पलाश के बारे में कोई भी बयान देने से रोक दिया है.
हाई कोर्ट से पलाश को मिली राहत
इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने पलाश मुच्छल को अंतरिम राहत प्रदान की है. अदालत ने विद्यान माने को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक वे पलाश के खिलाफ कोई भी बयान न दें और न ही कोई आरोप सार्वजनिक रूप से दोहराएं. कोर्ट ने कहा कि इस तरह के अनियंत्रित और सनसनीखेज बयान किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को गंभीर और स्थायी नुकसान पहुंचा सकते हैं.
क्या हैं आरोप?
विद्यान माने ने दावा किया था कि वह 23 नवंबर 2025 को आयोजित शादी समारोह में मौजूद थे. उनके अनुसार, समारोह के दौरान पलाश को किसी दूसरी महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया, जिसके बाद विवाद की स्थिति बनी. विद्यान माने ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के कारण शादी रद्द हो गई. इसके अलावा, उन्होंने पलाश पर 40 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है और सांगली में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है. माने का कहना है कि उनके पास चैट और कॉल रिकॉर्ड सहित सबूत मौजूद हैं, जिन्हें वे पुलिस और मीडिया के समक्ष पेश करने को तैयार हैं.
पलाश का पक्ष
इन आरोपों के सामने आने के बाद पलाश मुच्छल ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन बताया. उनका कहना है कि उनकी छवि धूमिल करने के इरादे से झूठे आरोप लगाए गए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके वकील श्रेयांश मिथारे इस मामले में कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं और विवाद का समाधान अदालत के माध्यम से ही किया जाएगा.
आगे क्या होगा?
हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल विद्यान माने को सार्वजनिक बयान देने से रोका गया है. मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और अगली सुनवाई में इस पर आगे की कार्यवाही होगी.

