National Livestock Mission: आज के दौर में जब लोग नौकरी छोड़कर बिजनेस शुरू करने का सोचते हैं, तो ज्यादातर दिमाग में दुकान, फैक्ट्री या स्टार्टअप का ख्याल आता है. लेकिन अब पशुपालन के क्षेत्र में भी बड़ा अवसर सामने आया है. केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत गधा पालन को बढ़ावा देने के लिए आकर्षक सब्सिडी योजना शुरू की है, जिससे उद्यमी लाखों-करोड़ों का कारोबार खड़ा कर सकते हैं.
क्या है राष्ट्रीय पशुधन मिशन की योजना?
इस योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति,एफपीओ, एसएचजी, जेएलजी, एफसीओ या धारा 8 की कंपनी गधा, घोड़ा या ऊंट पालन का प्रोजेक्ट शुरू करती है, तो सरकार कुल परियोजना लागत का 50% तक कैपिटल सब्सिडी देती है. अधिकतम सब्सिडी राशि 50 लाख रुपये तय की गई है. उदाहरण के तौर पर, यदि किसी प्रोजेक्ट की लागत 1 करोड़ रुपये है, तो सरकार उसमें 50 लाख रुपये की सहायता दे सकती है. यह सब्सिडी दो किस्तों में मिलती है-पहली किस्त बैंक लोन स्वीकृत होने पर और दूसरी परियोजना पूरी होने के बाद.
गधा पालन के लिए जरूरी शर्तें
- गधा पालन यूनिट स्थापित करने के लिए कुछ विशेष नियम तय किए गए हैं:
- एक यूनिट में कम से कम 50 मादा और 5 नर गधे होना जरूरी है.
- सब्सिडी केवल स्वदेशी नस्ल के गधों पर लागू होगी.
- विदेशी नस्लों पर यह लाभ नहीं मिलेगा.
सरकार ने 2024 में इस योजना के दायरे को बढ़ाते हुए घोड़े और ऊंट पालन को भी शामिल किया है, जिन पर भी 3 लाख से 50 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है.
सरकार क्यों दे रही है प्रोत्साहन?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2019 की 20वीं पशुगणना में देश में केवल 1.23 लाख गधे दर्ज किए गए. वर्ष 2012 के मुकाबले यह संख्या करीब 60% कम हो चुकी है. गधों की घटती आबादी और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह योजना चलाई जा रही है.
आवेदन कैसे करें?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक व्यक्ति आधिकारिक पोर्टल nlm.udyamimitra.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के बाद बैंक से लोन प्रक्रिया पूरी करनी होती है. परियोजना स्वीकृत होने पर सब्सिडी का लाभ दिया जाता है.पशुपालन से जुड़ी अन्य प्रमुख योजनाएं ये भी है…
पशु किसान क्रेडिट कार्ड
पशुपालकों के लिए पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना चलाई जा रही है. इसके तहत गाय, भैंस, भेड़, बकरी और मछली पालन करने वाले किसान बिना गारंटी के 1.60 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं. समय पर भुगतान करने पर ब्याज में 3% तक की अतिरिक्त छूट भी मिलती है.
राष्ट्रीय गोकुल मिशन
इसके अलावा राष्ट्रीय गोकुल मिशन का उद्देश्य देसी गाय-भैंस नस्लों को बढ़ावा देना और दूध उत्पादन बढ़ाना है. नस्ल गुणन फार्म स्थापित करने पर 2 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है.

