Land for Job Scam Case: लैंड फॉर जॉब घोटाला मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती को बड़ा झटका लगा है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती समेत अन्य के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं. मामले में कोर्ट ने लालू यादव पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय किए हैं.
लालू यादव पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत भी अपराध लगाए गए हैं. वहीं परिवार के सदस्यों पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप तय हुए हैं. कोर्ट ने कहा कि आरोप गंभीर है और विस्तृत ट्रायल की आवश्यकता है. सीबीआई मामले में आगे साक्ष्य रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया शुरू करेगी.
52 आरोपियों को कोर्ट ने किया बरी
इस मामले में कुल 98 आरोपी थे. कोर्ट ने कुल 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए हैं. वहीं 52 आरोपी बरी कर दिए गए हैं. मामले की सुनवाई के दौरान पांच आरोपियों की मौत हो चुकी है. लालू यादव परिवार पर अपराधिक साजिश रचने का आरोप है. इस मामले में 29 जनवरी को अगली सुनवाई होगी.
कोर्ट ने क्या कुछ कहा?
कोर्ट ने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी पत्नी और बच्चों के नाम अचल संपत्तियां जुटाईं. इस पूरे मामले में अन्य आरोपियों ने भी आपराधिक षड्यंत्र में सक्रिय रूप से सहयोग किया. रेलवे में नौकरियों के बदले जमीन लेने का एक तरह का विनिमय सिस्टम चल रहा था, जिसके तहत कई लोगों को रेलवे में नौकरी दी गई और बदले में उनके या उनके परिजनों की जमीन ली गई.
लैंड फॉर जॉब स्कैम क्या है?
बता दें कि लैंड फॉर जॉब मामला लालू यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान का है. लालू यादव 2004 से 2009 तक रेल मंत्री रहे थे. आरोपों के मुताबिक लालू यादव ने रेल मंत्री रहने के दौरान रेलवे में लोगों को नौकरी देने के बदले उनसे जमीन ली थी.
सीबीआई के मुताबिक ये जमीनें बेहद कम दामों में बेच दी गई थीं. जोनल रेलवे में भर्ती का कोई विज्ञापन या पब्लिक नोटिस जारी नहीं किया गया था. लेकिन, जिन परिवारों ने लालू यादव परिवार को अपनी जमीन दी, उनके सदस्यों को रेलवे में मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में नियुक्ति दी गई.
वहीं ED के मुताबिक कुछ उम्मीदवारों के आवेदनों को अप्रूव करने में जल्दबाजी दिखाई गई. कुछ आवेदनों को तीन दिनों में ही अप्रूव कर दिया गया था. पश्चिम मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे ने उम्मीदवारों के आवेदनों को बिना पूरे पते के भी अप्रूव कर नियुक्त कर दिया.