Categories: देश

Kutch News:बीएसएफ के द्वारा चलाया गया अभियान, गिरफ्त में आये 15 पाकिस्तानी मछुआरे

Published by

कच्छ गुजरात से धरम थककर की  रिपोर्ट: सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ)  द्वारा कच्छ जिले के कोरी क्रीक क्षेत्र में एक बड़ा अभियान चलाया गया है। बीएसएफ की 68 बटालियन और डिप्टी कमांडेंट (जनरल) भुज की एक संयुक्त टीम ने एक विशेष अभियान चलाकर 15 पाकिस्तानी मछुआरों को एक इंजन वाली देसी नाव के साथ पकड़ा। यह अभियान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि है।सूत्रों के अनुसार, बीएसएफ को खुफिया विभाग से विशेष सूचना मिली थी कि पाकिस्तानी नावें कोरी क्रीक क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश कर रही हैं। इस सूचना के आधार पर, बीएसएफ की टीमों ने एक विशेष योजना बनाई। लक्की नाला जेट्टी से तलाशी अभियान के लिए रवाना हुई टीम सुबह 10:50 बजे अभियान स्थल पर पहुँची। इसके बाद, मुक्कुनला और देवारी नाला क्षेत्रों से बीएसएफ की एफपीबी (फास्ट पेट्रोल बोट) टीमें भी अभियान में शामिल हुईं।

नाव पर कुल 15 पाकिस्तानी मछुआरे सवार थे

कच्छ में बीएसएफ का बड़ा अभियान चलाया गया है जिसमे 15 पाकिस्तानी मछुआरे पकड़े गए हैं । संयुक्त बल के साथ चलाए गए इस अभियान के दौरान, बीएसएफ के जवानों को इंजन वाली एक देसी नाव तुरंत मिल गई। नाव पर कुल 15 पाकिस्तानी मछुआरे सवार थे, जिन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया गया। प्रारंभिक जाँच से पता चला है कि ये मछुआरे सीमा नियमों का उल्लंघन कर भारतीय जल क्षेत्र में घुसपैठ कर रहे थे।बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि भारत-पाकिस्तान जल सीमा पर लगातार गश्त होती रहती है, फिर भी पाकिस्तानी मछुआरे अक्सर अवैध रूप से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं। सुरक्षा एजेंसियाँ हमेशा सतर्क रहती हैं ताकि कोई सुरक्षा भंग न हो। यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि बीएसएफ देश की सीमाओं के प्रति पूरी तरह सजग है और हर गतिविधि पर कड़ी नज़र रख रही है।

Bihar SIR: बिहार में पाकिस्तान की 2 महिलाओं के नाम वोटर लिस्ट में, गृह मंत्रालय की जांच में खुलासा

Related Post

मछुआरों को कानूनी कार्यवाही के लिए भेज दिया गया है

बीएसएफ ने अपने सर्च ऑपरेशन 23 अगस्त को एक अभियान चलाया जिसमें उन्हें भारत-पाकिस्तान समुद्री सीमा पर 15 पाकिस्तानी मछुआरों की अवैध रूप से एक इंजन-युक्त देशी नाव के साथ आने की खबर मिली और बड़ी सतर्कता के साथ उन्होंने इस अभियान के तहत इन पाकिस्तानी मछुआरों को अपनी गिरफ्त में ले लिया।इसके साथ ही, नाव और मछुआरों को कानूनी कार्यवाही के लिए भेज दिया गया है। पूरे मामले की आगे की जाँच जारी है। पाकिस्तानी मछुआरों के भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश करने की परिस्थितियों और इरादों की भी गहन जाँच की जा रही है। कच्छ के संवेदनशील तटीय क्षेत्र में इस सफल ऑपरेशन को सीमा सुरक्षा के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

Hartalika Teej 2025: तीज पर नई बहुएं भूलकर भी न करें ये 6 गलतियां, वरना बिगड़ सकता है रिश्ता

Published by

Recent Posts

सभी व्यापार समझौतों की जननी – भारत-ईयू के लिए एक विशाल छलांग

नई दिल्ली, जनवरी 30: भारत और ईयू मिलकर 2 अरब लोगों, वैश्विक जीडीपी का 25% और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा हैं। दोनों देशों के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक विशाल कदम है। जबकि व्यापार चर्चा लगभग दो दशकों से हो रही थी, 2022 से अधिक गहन चर्चा शुरू हुई और 27 जनवरी 2026 को संपन्न हुई। भू-राजनीतिक और रणनीतिक प्रभाव डॉ. विकास गुप्ता, सीईओ और मुख्य निवेश रणनीतिकार, ओमनीसाइंस कैपिटल के अनुसार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को देखते हुए, भारत-ईयू एफटीए प्रतीकात्मक है क्योंकि भारत अमेरिका को निर्यात की जाने वाली अधिकांश वस्तुओं के लिए अन्य बाजार खोजने में सक्षम है। इसे चीन पर निर्भरता कम करने के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पुनर्गठन पहलों के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। यह समझौता अमेरिका को पीछे धकेलेगा और दिखाता है कि भारत कृषि और डेयरी तक पहुंच पर समझौता नहीं करेगा क्योंकि बड़ी किसान आबादी इन क्षेत्रों पर निर्भर है। सकारात्मक रूप से लिया जाए तो यह दर्शाता है कि भारत उच्च-स्तरीय उत्पादों, जैसे वाइन, या विशिष्ट कृषि उत्पादों, जैसे कीवी आदि तक पहुंच देने के लिए तैयार है। यह एक टेम्पलेट हो सकता है जिसके साथ भारत-अमेरिका व्यापार समझौता हो सकता है। समझौते की मुख्य विशेषताएं ईयू के दृष्टिकोण के अनुसार, ईयू द्वारा निर्यात की जाने वाली 96% वस्तुओं पर कम या शून्य टैरिफ होगा, जबकि भारतीय दृष्टिकोण यह है कि 99% भारतीय निर्यात को विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच मिलेगी। लाभान्वित होने वाले प्रमुख क्षेत्र फुटवियर, चमड़ा, समुद्री उत्पाद और रत्न-आभूषण एफटीए से कई भारतीय क्षेत्रों को लाभ होने की संभावना है। ईयू लगभग 100 अरब डॉलर मूल्य के फुटवियर और चमड़े के सामान का आयात करता है। वर्तमान में, भारत इस श्रेणी में ईयू को लगभग 2.4 अरब डॉलर का निर्यात करता है। समझौता लागू होने के तुरंत बाद टैरिफ को 17% तक उच्च से घटाकर शून्य कर दिया जाएगा। इससे समय के साथ भारतीय कंपनियों को बड़ा बाजार हिस्सा हासिल करने में सहायता मिलनी चाहिए। एक अन्य क्षेत्र समुद्री उत्पाद है (26% तक टैरिफ कम किए जाएंगे) जो 53 अरब डॉलर का बाजार खोलता है जिसका वर्तमान निर्यात मूल्य केवल 1 अरब डॉलर है। रत्न और आभूषण क्षेत्र जो वर्तमान में ईयू को 2.7 अरब डॉलर का निर्यात करता है, ईयू में 79 अरब डॉलर के आयात बाजार को लक्षित कर सकेगा। परिधान, वस्त्र, प्लास्टिक, रसायन और अन्य विनिर्माण क्षेत्र परिधान और वस्त्र एक ऐसा क्षेत्र है जहां भारत को शून्य टैरिफ और 263 अरब डॉलर के ईयू आयात बाजार तक पहुंच मिल सकती है। वर्तमान में, भारत ईयू को 7 अरब डॉलर का निर्यात करता है। यह इस क्षेत्र में भारतीय निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़ावा हो सकता है। प्लास्टिक और रबर एक अन्य ईयू आयात बाजार है जिसकी कीमत 317 अरब डॉलर है जिसमें भारत की वर्तमान हिस्सेदारी केवल 2.4 अरब डॉलर है। रसायन एक अन्य क्षेत्र है जो 500 अरब डॉलर के ईयू आयात बाजार के लायक है जहां भारत को विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच मिलती है।…

January 30, 2026

एसएससी एमटीएस हवलदार सिटी इंटिमेशन स्लिप 2025 जारी, यहां जानें परीक्षा की तारीख और डाउनलोड करने का तरीका

SSC MTS exam date 2026: भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कार्यालयों में कुल…

January 30, 2026