Categories: देश

सैनिक स्कूल कोरुकोंडा,भारतीय सेना में अधिकारी बनने का गौरवशाली मार्ग

सैनिक स्कूल कोरुकोंडा (Sainik School Korukonda) ने यह साबित कर दिया है कि एनडीए (NDA) के लिए कैडेटों (Cadets) को भेजने वाला एक मुख्य पावरहाउस (Powerhouse) माना जाता है.

Published by DARSHNA DEEP

Is Sainik School Korukonda the gateway to becoming an Army officer?: सैनिक स्कूल कोरुकोंडा ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि यह एनडीए (NDA) के लिए कैडेटों को भेजने वाला एक प्रमुख पावरहाउस में से एक माना जाता है. जहां, अनुशासन, शारीरिक कठोरता और मानसिक दृढ़ता के जरिए यह संस्थान छात्रों को न सिर्फ एक सैनिक बल्कि एक कुशल नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करने के लिए मजबूत भी बनाता है. दरअसल, सैनिक स्कूल कोरुकोंडा सिर्फ एक पढ़ने की जगह के साथ-साथ देश के भविष्य के रक्षकों को बढ़ाने का भी काम करता है. तो वहीं, दूसरी तरफ हाल ही में 54 कैडेटों ने यूपीएससी एनडीए (NDA) और आईएनए (INA) की परीक्षा ने एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया है. तो वहीं, दूसरी तरफ यह उपलब्धि इस बात को भी साबित करती है कि स्कूल वास्तव में सेना में अधिकारी बनने का ‘प्रवेश द्वार’ भी है. 

अनुशान के साथ-साथ शारीरिक कठोरता

दरअसल, कोरुकोंडा का वातावरण अनुशासन और कर्तव्य की भावना पर ही पूरी तरह से आधारित है. तो वहीं, दूसरी तरफ यहां की शिक्षा प्रणाली सिर्फ किताबी ज्ञान तक ही  सीमित नहीं है. इसके साथ ही यूपीएससी की परीक्षाओं के लिए कैडेटों को विशेष रूप से तैयार किया जाता है, जिसमें गणित, सामान्य ज्ञान और अंग्रेजी पर खास रूप से ध्यान दिया जाता है. 

बात करें शारीरिक फिटनेस के बारे में तो, सुबह के पीटी सेशन से लेकर शाम के खेलों तक, कैडेटों को शारीरिक रूप से इतना ज्यादा मजबूत बनाया जाता है ताकि वे एसएसबी (SSB) के कठिन शारीरिक परीक्षणों को बिना किसी भी परेशानी के पार कर सकें. इसके अलावा स्कूल में ‘हाउस सिस्टम’ और ‘प्रीफेक्टोरियल बॉडी’ के जरिए छात्रों में जिम्मेदारी और फैसने लेने की क्षमता पूरी तरह से विकसित की जाती है. 

Related Post

एसएसबी (SSB) के लिए क्या है खास तैयारी?

जानकारी के मुताबिक, सैनिक स्कूल कोरुकोंडा में कैडेटों कोव्यक्तित्व परीक्षण (SSB) के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से तैयार किया जाता है. यहां का ‘ऑफिसर लाइक क्वालिटीज’ (OLQ) पर केंद्रित प्रशिक्षण उन्हें अन्य छात्रों से बेहद ही अलग बनाया जाता है. इसके साथ ही समूह चर्चा(Group Description) , बाधा दौड़ और सार्वजनिक भाषण (Public Speech) के माध्यम से उनका आत्मविश्वास बढ़ाने की कोशिश की जाती है.

गौरवशाली इतिहास और परंपरा

विजयनगरम के ऐतिहासिक महल में स्थित यह संस्थान दशकों से भारतीय सशस्त्र बलों को जांबाज अधिकारी दे रही है. इसके साथ ही  54 कैडेटों का हालिया चयन इस विरासत की अगली कड़ी है. तो वहीं, दूसरी तरफ यह संख्या न सिर्फ स्कूल की गुणवत्ता को दर्शाती है, बल्कि उन युवाओं के लिए प्रेरणा भी है जो मातृभूमि की सेवा का सपना भी देखते हैं. 

DARSHNA DEEP

Recent Posts

Aaj Ka Panchang: 10 जनवरी 2026, शनिवार का पंचांग, यहां पढ़ें शुभ मुहूर्त और राहु काल का समय

Aaj Ka Panchang: आज 10 जनवरी 2026 है. इस दिन माघ माह के कृष्ण पक्ष…

January 10, 2026

‘लोगों की दाल रोटी नहीं चलती…’, संजय मांजरेकर पर क्यों भड़के विराट कोहली के बड़े भाई?

Virat Kohli: पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने हाल ही में विराट कोहली पर कमेंट करते…

January 9, 2026

Shaurya Yatra: 1000 साल का स्वाभिमान, 108 घोड़ों की शौर्य यात्रा…पीएम मोदी भी होंगे शामिल; यहां जानें ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का इतिहास

Somnath Swabhiman Parv: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, 72-घंटे अखंड ओंकार जाप,…

January 9, 2026