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Hardoi Awareness Camp: नशा उन्मूलन व महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम विषय पर विधिक जागरूकता शिविर

Hardoi Awareness Camp: नशा उन्मूलन व महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम विषय पर विधिक जागरूकता शिविर

Published by Swarnim Suprakash

हरदोई से आलोक सिंह की रिपोर्ट 

Hardoi Awareness Camp: आज राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली व उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदोई के अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश ‘संजीव शुक्ला’ व अपर जिला जज ‘भूपेंद्र प्रताप’ के निर्देशानुसार तहसील विधिक सेवा समिति बिलग्राम नायब तहसीलदार ‘मुकेश चौधरी’ की अध्यक्षता में नशा पीड़ितों को विधिक सेवाएं एवं नशा उन्मूलन के लिए विधिक सेवा योजना 2015 व कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन तहसील सभागार में किया गया।

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जागरूकता शिविर में खास व्याख्यान

 शिविर में लीगल एड क्लीनिक ‘आशीष तिवारी’ के द्वारा बताया गया की नशा पीड़ितों को विधि सेवाएं एवं नशा उन्मूलन के लिए विधिक सेवा योजना 2015 नशा पीड़ितों को विधिक सेवाएं देने और नशा उन्मूलन के लिए बनाई गई एक योजना है, इस योजना में विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 और स्वापक औषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 का जिक्र है इस योजना के तहत नशा प्रार्टन को विधि सेवाएं दी जाती है नशे की लत हर किसी के लिए बहुत हानिकारक है नशा करने से कैंसर, टीबी , दमा, जैसी घातक बीमारियां हो सकती हैं नशे से बचने के लिए हर किसी व्यक्ति को अपने स्तर पर प्रयास करने चाहिए और इससे होने वाली हानियों के बारे में जानकर खुद को इससे दूर रखना चाहिए। सरकार ने भी नशे पर प्रतिबंध लगाया है। नायब तहसीलदार के द्वारा बताया गया कि कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 जिसे पॉश एक्ट के नाम से जाना जाता है, यह अधिनियम महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकने और उससे जुड़ी शिकायतों को दूर करने के लिए बनाया गया है। यह अधिनियम निजी और सरकारी दोनों तरह के संगठनों पर लागू होता है सभी संगठनों को अपने कर्मचारी के यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच करने और उनका समाधान करने के लिए एक समिति बनानी होगी कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न से पीड़ित महिला अगर अपनी शिकायत करती है तो उसकी समस्त जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।

शिकायत कैसे दज कराइ जा सकेगी ?

 शिकायत दर्ज करने के लिए ऑफिस में बनी इंटरनल कमेटी या पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है आंतरिक कमेटी को 10 दिनों में अपनी जांच रिपोर्ट कंपनी को देनी होती है दोषी पाए जाने पर कंपनी आरोपी को सजा देती है अगर महिला अपनी शिकायत करने में असमर्थ है तो उसका कानूनी उत्तराधिकारी शिकायत दर्ज करवा सकता है, शिविर में पी एल वी आशीष तिवारी के द्वारा राष्ट्र मध्यस्थता अभियान के बारे में पंपलेट वितरित कर जानकारी प्रदान की गई और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चलाई जा रही निःशुल्क विधिक सेवाओं एवं नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में जानकारी दी गई, शिविर में उपस्थित बी एल ओ एवं तहसील के कर्मचारीगण व आम जनमानस लोग उपस्थित रहे।

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Tags: drug abuse

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