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क्यों फूटा भारतीय पायलटों का गुस्सा ? अहमदाबाद विमान हादसे का कौन है जिम्मेदार ?

अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान(Air India Flight Incident) हादसे में पायलट (Pilot) को दोषी ठहराने के प्रयासों की कड़ी निंदा की जा रही है. जिसको लेकर भारतीय पायलटों (Indian Pilots) में भारी आक्रोश (Outrage) देखने को मिल रहा है.

Published by DARSHNA DEEP

Ahemdabad Air India Plane Crash: गुजरात के अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे को भला कौन भुला सकता है. इस हादसे ने पूरे देशभर में हर किसी को झकझोर कर रख दिया था. हादसे में केवल एक ही यात्री का जान बच सकी. लेकिन, इस भयंकर दुर्घटना के बाद से लगातार पायलट को दोषी ठहराया जा रहा है और क्यों जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर. 

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने हाल ही में अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे में पायलट को दोषी ठहराने के प्रयासों की जमकर कड़ी निंदा की है. फेडरेशन ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को एक पत्र लिखकर इस मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की जल्द से जल्द सख्त मांग की है. 

पायलटों ने लगाया गंभीर आरोप

पायलटों ने गंभीर आरोपी लगाते हुए कहा कि हादसे में मार गए दोनों पायलटों को अब जानबूझकर फंसाने की कोशिश की जा रही है. FIP ने 12 जून को हुए एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के दुर्घटना की जांच कर रही संस्था एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं. जिसपर फेडरेशन का कहना है कि AAIB जांच के निष्कर्षों पर पहुंचने से पहले ही “पायलट की गलती” क्यों मानी जा रही है. 

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फेडरेशन के मुताबिक, AAIB के अधिकारियों ने 30 अगस्त को मृतक पायलट कैप्टन सभरवाल के 91 साल के पिता के घर जाकर संवेदना के नाम पर “हानिकारक आक्षेप” लगाए. ऐसा आरोप है कि इन अधिकारियों ने कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) के कुछ चुनिंदा हिस्सों के आधार पर यह दावा किया कि कैप्टन सभरवाल ने टेकऑफ के बाद जानबूझकर फ्यूल कंट्रोल स्विच को कटऑफ स्थिति में डाल दिया था. 

पायलटों ने की न्यायिक जांच की मांग

पायलटों की संस्था ने AAIB पर नियमों का उल्लंघन करने का भी गंभीर आरोप लगाया है. जिसपर फेडरेशन का कहना है कि AAIB ने संरक्षित CVR रिकॉर्डिंग की जानकारी मीडिया में लीक की है, जो कि एयरक्राफ्ट (इंवेस्टिगेशन ऑफ एक्सीडेंट्स एंड इंसिडेंट्स) रूल्स के नियम 17(5) का पूरी तरह से उल्लंघन किया गया है.  इस नियम के तहत, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है. 

FIP ने की मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग

इस मामले को गंभीरता से देखते हुए FIP ने मंत्रालय से तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करने की सख्त मांग की है. फेडरेशन का कहना है कि AAIB की जांच अपनी निष्पक्षता खो चुकी है और अब इस मामले की न्यायिक जांच कराना बेहद ही ज़रूरी है. 12 जून को हुए इस दुखद विमान हादसे में 242 में से 241 लोग, और कुल मिलाकर 260 लोगों की जान चली गई थी. 

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