Categories: देश

गोला-बारूद से कोई नुकसान नहीं, फुलझड़ी से…भड़के कुमार विश्वास, किसे सुना डाली खरी-खरी!

Kumar Vishwas: डॉ. कुमार विश्वास ने आतिशबाजी को लेकर एक अहम बयान दिया है.उन्होंने यूक्रेन-रूस युद्ध का हवाला देते हुए दिवाली पर पटाखों का विरोध करने वालों पर तंज कसते हुए करारा जवाब दिया है.

Published by Ashish Rai

Diwali Firecrackers: जैसे-जैसे दिवाली नजदीक आ रही है, एक बार फिर पटाखों पर बैन को लेकर बहस तेज हो गई है. बढ़ते वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य संकट को देखते हुए देश के कई राज्यों ने पटाखों की बिक्री और उपयोग पर आंशिक या पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. प्रशासन का कहना है कि यह फैसला नागरिकों की सेहत और पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. वहीं अब मशहूर हिंदी कवि डॉ. कुमार विश्वास ने आतिशबाजी को लेकर एक अहम बयान दिया है.

मुंबई में आयोजित एक कवि सम्मेलन के दौरान, उन्होंने यूक्रेन-रूस युद्ध का हवाला देते हुए दिवाली पर पटाखों का विरोध करने वालों पर तंज कसते हुए करारा जवाब दिया है. कवि कुमार विश्वास का ये बयान खूब सुर्खियां बटोर रहा है.

Durgapur Gangrape Case: कौन है 5वां आरोपी? दरिंदे को बंगाल पुलिस ने दबोचा; अब मिलेगी मौत से भी बदतर सजा!

कुमार विश्वास ने कसा तंज- गोले-बारुद से ओजोन सुरक्षित रही

मुंबई के षणमुखानंद हॉल में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. विश्वास ने कहा, “पिछले तीन वर्षों से यूक्रेन और रूस आपस में युद्ध कर रहे हैं. इस दरम्यान उन्होंने भारी मात्रा में गोला-बारूद बर्बाद किया. गाजा में भी यही स्थिति है.” उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि इतने बड़े पैमाने पर हुए युद्ध के बावजूद ओजोन परत सुरक्षित रही.

Related Post

चार फुलझड़ियों से ओजोन परत में एक बड़ा छेद हो जाएगा

डॉ. विश्वास ने भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और उसके बाद पाकिस्तान के साथ उपजे तनाव को भारत का ‘वॉर्मअप’ बताते हुए कहा कि इन घटनाओं से ओजोन परत पर कोई असर नहीं पड़ा. उन्होंने व्यंग्यपूर्ण लहजे में कहा कि दिवाली पर जलाई गई चार फुलझड़ियों से ओजोन परत में एक बड़ा छेद हो जाएगा.

उन्होंने आगे तंज कसा, “ओजोन में चार फुलझड़ियों से इतना बड़ा छेद हो जाएगा कि उसमें से बहुत सारे बुद्धिजीवी ऊपर जाएंगे और नीचे आएंगे.” उनका यह बयान आतिशबाजी के पर्यावरणीय प्रभावों पर चल रही बहस को संबोधित करता है.

हिंदू त्योहारों को निशाना बनाने की एक सुनियोजित साजिश

गौरतबह है कि हर बार की तरह इस बार भी पटाखों को बैन किए जाने का मांग को हिंदू त्योहारों को निशाना बनाने की एक सुनियोजित साजिश ही मानी जा रही है. पर्यावरण को केवल एक बहाना बनाया जाता है. हिंदू संगठनों और समर्थकों का कहना है कि न्‍यू इयर के जश्न और दुनिया भर में आतिशबाजी होती है लेकिन उस पर कोई आपत्ति नहीं की जाती लेकिन दिवाली पर एक दिन पटाखा जलाने से पर्यावरण को नुकसान होने का हवाला दिया जाने लगता है.

जम्मू-कश्मीर राज्यसभा चुनाव: बीजेपी ने उतारे उम्मीदवार, नहीं लड़ेगी कांग्रेस, CM अब्दुल्ला ने बताया समीकरण

Ashish Rai
Published by Ashish Rai

Recent Posts

Silver Price Today 16 March: मौका है लपक लो… गिर गए चांदी के दाम, इस शहर में सबसे सस्ती

Silver Price Today 16 March: विदेश में चल रहे वॉर के चक्कर में पहले सोने-चांदी…

March 16, 2026

Sinners Streaming Platform: किस OTT प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं फिल्म ‘सिनर्स’, कमजोर है दिल तो जरा सावधान!

Sinners Streaming Platform : ऑस्कर अवॉर्ड जीतने वाली और 16 कैटेगरी में नॉमिनेशन पाने वाली…

March 16, 2026

Ram Navami 2026: 26 या 27 मार्च कब है राम नवमी, जानें शुभ मुहूर्त

Ram Navami 2026: इस साल राम नवमी का त्योहार कब है, लोग इस त्योहार को…

March 16, 2026