धर्मेन्द्र सिंह की रिपोर्ट, Chhattisgarh News: छतीसगढ़ के बस्तर संभाग में आज भी कई ऐसे गांव है जहाँ आज भी नक्सल वाद के कारण गांव में विकास नही पहुचीं है मूल बहुत सुविधा तो दूर वहाँ आज तक गांव में सड़क तक नही बन पाई है लेकिन दो वर्ष में नक्सलियों की जिस इलाको में नक्सली दहसत का बोल बाला था। अब उस कई गांव में धीरे धीरे पुलिस केम्प खुल रहे है और गांव में विकास पहुच रहा है वही बस्तर के धुर नक्सल प्रभावित 29 गांवों में आजादी के बाद पहली बार 15 अगस्त को ध्वजारोहण किया गया जाएगा। इन सभी इलाकों में पुलिस कैंप स्थापित किए गए है इन कैंपों में ही ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की है। बता दें कि बस्तर संभाग के अंदरूनी इलाकों में लोग दशकों से नक्सलवाद का दंश झेल रहे है इन इलाकों में प्रशासन की पहुंच न होने के कारण लोग नक्सलियों के तुगलकी फरमान मानने विवश थे।
नक्सली आतंक का होगा खात्मा
नक्सली देश की आजादी को झूठी आजादी बता कर इसका विरोध करते हैं यही कारण नक्सल दहशत के चलते प्रभावित इलाकों में राष्ट्रीय पर्व पर न तो ध्वजारोहण होता है न ही सरकारी आयोजन होते है बल्कि कई स्थानों पर नक्सली विरोध स्वरूप काला झंडा भी फहराते थे। वर्ष 2024 के बाद अब प्रभावित इलाकों की तस्वीर बदल चुकी है। सुरक्षा बलों और प्रशासन की लगातार कोशिशों, विकास कार्यों, और बदलते माहौल ने इन गांवों में विश्वास का माहौल पैदा किया है। ग्रामीण न केवल ध्वजारोहण की तैयारी में जुटे हैं और तिरंगा फहराया बल्कि उत्साह के साथ इन आयोजनों में भाग लिया
गांवों में ध्वजारोहण।
बुनियादी सुविधाएं और कल्याणकारी
नारायणपुर जिले में होरादी, गारपा, कच्चपाल, कोड़लियार, कुतुल, बड़ेमाकोटी,पद्मकोट, कांदुलनार , नेलांगुर, पांगुर , रायनार में ध्वजारोहण होगा। सुकमा जिला के रायगुडेम तूमालपाड़, गोलाकुंडा, गोंमगुडा, मेट्टागुडा, उसकावाया, मुलकातोंग में तिरंगा लहराएगा। बीजापुर जिले के गांव कोंडापल्ली, जीडापल्ली, वातेबागू, कर्रेगुट्टा, पीडिया, गूंजेपर्ती, पुजारी कांकेर,भीमारम, कोरचोली,कोटपल्ली में ध्वजारोहण किया गया। सुकमा एसपी किरण चौहाण ने बताया कि लगतार अंदरूनी इलाको में पुलिस कैम्प की स्थापना हो रही है वही गांव में मोबाइल टावर से लेकर सड़क बिजली सही उन गांवों में नियद नेल्लानार योजन के तहत ग्रामीणों को हर मूल बहुत के साथ गांव में विकास कार्यों किये जा रहे है सुकमा जिला के रायगुडेम तूमालपाड़, गोलाकुंडा, गोंमगुडा, मेट्टागुडा, उसकावाया, मुलकातोंग में गांव स्वतंत्रता दिवस आज पहली बार तिरंगा झंडा फहराया गया कर ग्रामीणों में काफी उत्साह है।आपको बता दे कि छतीसगढ़ सरकार की नेल्लानार योजन है जिसका उद्देश्य राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों जैसे बीजापुर, सुकमा, कांकेर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर में विकास कार्यों को बढ़ावा देना है यह योजना इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाएं और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर केंद्रित है।

