UTI in men: मूत्र मार्ग संक्रमण यानी Urinary Tract Infection को अक्सर महिलाओं की समस्या माना जाता है, लेकिन सच्चाई यह है कि पुरुष भी इससे प्रभावित होते हैं—खासकर बढ़ती उम्र में। यह संक्रमण तब होता है जब हानिकारक बैक्टीरिया मूत्रमार्ग में पहुंचकर सूजन और संक्रमण पैदा करते हैं। पुरुषों में यह कम जरूर होता है, लेकिन जब होता है तो इसके पीछे गंभीर कारण छिपे हो सकते हैं।
क्या है यूटीआई और क्यों होता है
यूटीआई एक ऐसा संक्रमण है जो मूत्राशय, मूत्रमार्ग या किडनी को प्रभावित करता है। इसका सबसे आम कारण Escherichia coli बैक्टीरिया होता है, जो सामान्यतः आंतों में पाया जाता है। खराब स्वच्छता, कमजोर इम्यून सिस्टम, असुरक्षित यौन संबंध और कैथेटर के इस्तेमाल से यह संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
पुरुषों में क्यों बढ़ता है खतरा
पुरुषों में उम्र बढ़ने के साथ प्रॉस्टैट ग्रन्थि का मामूली बड़ना एक आम समस्या बन जाती है। इससे मूत्र पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाता और रुका हुआ मूत्र बैक्टीरिया के लिए अनुकूल माहौल बना देता है। इसके अलावा किडनी स्टोन और मूत्र प्रवाह में रुकावट भी यूटीआई का कारण बन सकती है।
नजरअंदाज न करें ये लक्षण
- पुरुषों में यूटीआई के संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
- पेशाब करते समय जलन या दर्द
- बार-बार पेशाब आने की इच्छा
- बदबूदार या धुंधला पेशाब
- पेट के निचले हिस्से या कमर में दर्द
- पेशाब में खून आना
- बुखार और ठंड लगना
- कुछ मामलों में यौन संबंध या वीर्यपात के दौरान भी दर्द महसूस हो सकता है।
कब बन सकता है गंभीर खतरा
अगर समय पर इलाज न हो तो यह संक्रमण किडनी तक पहुंच सकता है। गंभीर स्थिति में यह Kidney Infection या Sepsis जैसी जानलेवा समस्या का रूप ले सकता है। इसलिए तेज बुखार, पीठ दर्द या बार-बार संक्रमण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।कैसे होता है जांच और इलाज
डॉक्टर आमतौर पर यूरिन टेस्ट, ब्लड टेस्ट और जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन की सलाह देते हैं। इलाज के लिए एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं, जो 7 से 14 दिनों तक चल सकती हैं। साथ ही अगर प्रोस्टेट या पथरी जैसी कोई समस्या है, तो उसका इलाज भी जरूरी होता है।घरेलू देखभाल से मिलेगा फायदा
- दिनभर में 2–3 लीटर पानी पिएं
- पेशाब को रोककर न रखें
- साफ-सफाई का ध्यान रखें
- कैफीन और मसालेदार भोजन से बचें
- कुछ लोग क्रैनबेरी जूस और प्रोबायोटिक्स का सेवन भी करते हैं, जो बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकने में मदद कर सकते हैं, लेकिन यह इलाज का विकल्प नहीं हैं।
कैसे करें बचाव
- यूटीआई से बचने के लिए कुछ आसान आदतें अपनाना जरूरी है:
- पर्याप्त पानी पिएं
- मूत्राशय को पूरी तरह खाली करें
- व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें
- सुरक्षित यौन संबंध अपनाएं
- 50 साल के बाद नियमित प्रोस्टेट जांच करवाएं
Published by Ranjana Sharma
April 8, 2026 11:14:15 AM IST

