Salim Khan blood clot | Blood clot causes | Blood clot Symptoms: मशहूर पटकथा लेखक सलीम खान की तबीयत को लेकर चर्चा उस समय बढ़ी जब उन्हें रक्त का थक्का (ब्लड क्लॉट) बनने की जानकारी सामने आई. इस खबर के बाद लोगों के मन में इस बीमारी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. आइए इसे सवाल-जवाब के जरिए विस्तार से समझते हैं.
रक्त का थक्का क्या होता है?
रक्त का थक्का तब बनता है जब खून गाढ़ा होकर नसों या धमनियों के अंदर जम जाता है.
सामान्य स्थिति में यह शरीर की रक्षा प्रणाली का हिस्सा है, जो चोट लगने पर खून बहना रोकता है. लेकिन जब यह बिना चोट के अंदरूनी नसों में बनता है, तो खतरनाक हो सकता है. यह पैरों की नसों (डीप वेन थ्रोम्बोसिस), फेफड़ों (पल्मोनरी एम्बोलिज्म), दिल या दिमाग में भी बन सकता है.
सलीम खान को ब्लड क्लॉट क्यों हुआ?
- सटीक कारण मेडिकल जांच से ही पता चलता है, लेकिन आम कारण ये हो सकते हैं:
- बढ़ती उम्र (रक्त वाहिकाओं की लचक कम होना)
- लंबे समय तक एक ही जगह बैठे या बिस्तर पर रहना
- हालिया सर्जरी
- हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज
- दिल की बीमारी
- मोटापा
- धूम्रपान
- शरीर में पानी की कमी
- कुछ दवाओं का असर
वृद्धावस्था में रक्त संचार धीमा पड़ सकता है, जिससे थक्का बनने का जोखिम बढ़ जाता है.
क्या यह हमेशा जानलेवा होता है?
नहीं, हर ब्लड क्लॉट जानलेवा नहीं होता. लेकिन अगर थक्का टूटकर दिल, फेफड़े या दिमाग तक पहुंच जाए तो यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक या सांस की गंभीर समस्या पैदा कर सकता है. समय पर इलाज मिलने से खतरा काफी कम हो जाता है.
इसके प्रमुख लक्षण क्या हैं?
- थक्का कहां बना है
- पैरों में थक्का
- सूजन
- दर्द या ऐंठन
- त्वचा का लाल या नीला पड़ना
- छूने पर गर्माहट महसूस होना
- फेफड़ों में थक्का:
- अचानक सांस फूलना
- सीने में तेज दर्द
- खांसी के साथ खून आना
- तेज धड़कन
- दिमाग में थक्का:
- अचानक बोलने में दिक्कत
- शरीर के एक हिस्से में कमजोरी
- चक्कर या बेहोशी
- ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाना जरूरी है.
इसका इलाज कैसे किया जाता है?
- ब्लड थिनर (रक्त पतला करने वाली दवाएं)
- क्लॉट को घोलने वाली विशेष दवाएं
- गंभीर मामलों में सर्जरी
- कुछ मामलों में नस में फिल्टर लगाने की प्रक्रिया
- इलाज की अवधि और तरीका मरीज की उम्र, स्वास्थ्य और क्लॉट की स्थिति पर निर्भर करता है.
क्या वरिष्ठ नागरिकों को ज्यादा खतरा होता है?
- 60 वर्ष से अधिक आयु में जोखिम बढ़ जाता है क्योंकि:
- रक्त प्रवाह धीमा हो सकता है
- शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है
- अन्य बीमारियां (BP, शुगर, हृदय रोग) मौजूद हो सकती हैं
बचाव के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं?
- लंबे समय तक बैठने से बचें
- हर 1–2 घंटे में उठकर चलें
- पर्याप्त पानी पिएं
- ब्लड प्रेशर और शुगर नियंत्रित रखें
- डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं नियमित लें
- धूम्रपान से बचें
- यात्रा के दौरान पैरों को हिलाते-डुलाते रहें

