Liver Cancer: भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का स्टेज-4 लिवर कैंसर के कारण निधन हो गया. ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर चल रहे खानचंद सिंह ने शुक्रवार सुबह अंतिम सांस ली. यह पहला मामला नहीं है बल्कि भारत में तेजी से लिवर कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि फैटी लिवर जैसी समस्याएं समय रहते नियंत्रित न की जाएं तो यही आगे चलकर सिरोसिस और लिवर कैंसर में बदल सकती हैं.
लिवर कैंसर क्या है?
लिवर कैंसर लिवर की कोशिकाओं में शुरू होता है. इसका सबसे आम प्रकार हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा है, जो लिवर की मुख्य कोशिकाओं (हेपेटोसाइट) से शुरू होता है. यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और समय रहते पहचान न होने पर शरीर के अन्य अंगों-जैसे फेफड़े या हड्डियों-में फैल सकती है.
फैटी लिवर: कई बीमारियों की जड़
देश के जाने-माने हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. शिव कुमार सारिन के मुताबिक, फैटी लिवर केवल लिवर की समस्या नहीं है, बल्कि यह मधुमेह, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों का आधार बन सकता है. उन्होंने बताया कि जब लिवर में वसा जमा होती है तो इंसुलिन ठीक से काम नहीं करता. अग्न्याशय अधिक इंसुलिन बनाता है और समय के साथ टाइप-2 मधुमेह विकसित हो सकता है. शरीर में बढ़ी हुई वसा ट्राइग्लिसराइड और कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती है, जो धमनियों में जमा होकर हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाती है. डॉ. सारिन के अनुसार, हाल के वैश्विक अध्ययनों से यह भी स्पष्ट हुआ है कि फैटी लिवर से प्रोस्टेट और कोलोन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है.
लिवर कैंसर के चार चरण
- स्टेज 1: लिवर में एक ट्यूमर पाया जाता है, जो अभी आसपास की कोशिकाओं या ब्लड वेसल में नहीं फैला होता.
- स्टेज 2: ट्यूमर का आकार बढ़ सकता है और यह आसपास की ब्लड वेसल में फैलना शुरू कर देता है. एक से अधिक ट्यूमर हो सकते हैं, लेकिन सामान्यतः 5 सेमी से छोटे.
- स्टेज 3: ट्यूमर 5 सेमी से बड़ा हो सकता है या बड़ी ब्लड वेसल की शाखाओं तक फैल सकता है. यह पास के अंगों या लिम्फ नोड्स को प्रभावित कर सकता है.
- स्टेज 4: कैंसर शरीर के दूरस्थ अंगों-जैसे हड्डियों या फेफड़ों-तक फैल जाता है. इस चरण में बीमारी को नियंत्रित करना बेहद कठिन हो जाता है और यह जानलेवा साबित हो सकता है.
शराब ही नहीं, जीवनशैली भी जिम्मेदार
डॉक्टर्स का कहना है कि शराब को लिवर रोगों का मुख्य कारण माना जाता है, लेकिन अब बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी फैटी लिवर का शिकार हो रहे हैं जो शराब नहीं पीते. मोटापा, असंतुलित खानपान, शारीरिक निष्क्रियता और मधुमेह इसके बड़े कारण हैं. समय पर इलाज न होने पर फैटी लिवर सिरोसिस और अंततः लिवर कैंसर में बदल सकता है.
बचाव कैसे संभव?
- वजन नियंत्रित रखें
- नियमित व्यायाम करें
- संतुलित आहार लें
- ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं
- फैटी लिवर की शुरुआती पहचान के लिए समय-समय पर जांच कराएं
वैश्विक आंकड़े बढ़ा रहे चिंता
विश्व कैंसर अनुसंधान कोष की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में लिवर कैंसर के 8.66 लाख से अधिक नए मामले सामने आए. यह दुनिया का छठा सबसे आम कैंसर है. पुरुषों में इसका खतरा महिलाओं की तुलना में अधिक देखा गया है.

