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पनीर को भूल जाइए, इन फूड्स से पूरा होगा डेली प्रोटीन गोल

स्वस्थ शरीर और मजबूत मांसपेशियों के लिए प्रोटीन सबसे जरूरी पोषक तत्वों में से एक है. अक्सर लोग मानते हैं कि पनीर या मांसाहारी भोजन ही प्रोटीन का अच्छा स्रोत होते हैं, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है.

Published by Komal Singh

शाकाहारी लोगों के लिए यह बहुत राहत की बात है कि उन्हें फिट रहने के लिए नॉन-वेज खाने की ज़रूरत नहीं पड़ती. इन खाद्य पदार्थों को अपने रोज़ाना आहार में शामिल करने से ऊर्जा स्तर बढ़ता है, वजन संतुलित रहता है और त्वचा व बाल भी स्वस्थ रहते हैं. आइए जानते हैं पनीर के अलावा ऐसे सात शाकाहारी विकल्प जो आपकी डाइट को और मज़बूत बना देंगे.

 

 

सोया चंक्स और सोयाबीन

 

सोया चंक्स प्रोटीन के सबसे सस्ते और प्रभावी शाकाहारी स्रोतों में से एक हैं. 100 ग्राम सूखे सोया चंक्स में करीब 50 ग्राम तक प्रोटीन होता है. यह शरीर को मांसपेशियों के निर्माण और रिपेयर में मदद करता है. सोयाबीन से बने उत्पाद जैसे टोफू और एडामामी भी शरीर को आवश्यक अमीनो एसिड देते हैं. इन्हें सब्जी, पुलाव या करी में मिलाकर आसानी से खाया जा सकता है. नियमित सेवन से मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं और वजन नियंत्रण में रहता है.

 

 

दालें और चने

 

मसूर, मूंग, तुअर, चना और राजमा जैसी दालें प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर, आयरन और फोलेट से भरपूर होती हैं. एक कटोरी पकी हुई दाल में लगभग 8 से 10 ग्राम प्रोटीन मिलता है. ये शरीर की ऊर्जा बनाए रखने और पाचन तंत्र को मजबूत रखने में मदद करती हैं. यदि इन्हें साबुत अनाज जैसे चावल या रोटी के साथ खाया जाए, तो यह ‘कम्प्लीट प्रोटीन’ बन जाता है. रोज़ाना दाल खाने से ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है और शरीर को लंबे समय तक तृप्ति का अनुभव होता है.

 

 

टोफू

 

टोफू सोयाबीन से तैयार किया गया एक उच्च प्रोटीन विकल्प है, जो शाकाहारी लोगों के लिए पनीर का बेहतरीन विकल्प बन चुका है. इसमें 100 ग्राम में लगभग 10 ग्राम प्रोटीन और पर्याप्त कैल्शियम व आयरन पाया जाता है. इसका स्वाद हल्का होता है, इसलिए इसे करी, सूप, सैंडविच या सलाद में आसानी से जोड़ा जा सकता है. टोफू को फ्राई करने पर इसका स्वाद और बढ़ जाता है. यह मांसपेशियों को ऊर्जा देता है, हड्डियों को मज़बूत बनाता है और कोलेस्ट्रॉल स्तर को संतुलित रखता है.

 

 

 

क्विनोआ

 

क्विनोआ एक सुपरफूड के रूप में प्रसिद्ध हो चुका है क्योंकि इसमें ‘कम्प्लीट प्रोटीन’ होता है — यानी सभी नौ आवश्यक अमीनो एसिड. एक कप पके हुए क्विनोआ में लगभग 8 ग्राम प्रोटीन मिलता है. यह ग्लूटेन-फ्री होता है, इसलिए पाचन में हल्का रहता है. इसमें फाइबर, मैग्नीशियम और आयरन भी प्रचुर मात्रा में होते हैं. इसे खिचड़ी, दलिया या सलाद की तरह खाया जा सकता है. यह वजन कम करने वालों के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प है क्योंकि यह पेट को लंबे समय तक भरा रखता है.

 

Komal Singh

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