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घर पर नॉर्मल, क्लिनिक में हाई! आपके साथ भी होता है ऐसा, क्या है ब्लड प्रेशर का अजीब खेल?

जब आप घर पर अपना ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) चेक करते हैं और वह सामान्य आता है, लेकिन डॉक्टर के क्लिनिक (Doctor's Clinic) में पहुंचते ही वह बढ़ जाता है.

By: DARSHNA DEEP | Published: January 8, 2026 6:17:41 PM IST



Why your blood pressure may be normal at home but high at the doctor’s clinic : आपने यह ज्यादातर नोटिस किया होगा कि जब आप घर पर अपना ब्लड प्रेशर चेक करते हैं और वह एक दम सामान्य बताता है, लेकिन दूसरी तरफ डॉक्टर के क्लिनिक में पहुंचते ही वह बढ़ जाता है, तो इस स्थिति को मेडिकल भाषा में ‘व्हाइट कोट हाइपरटेंशन’ (White Coat Hypertension) भी कहा जाता है. आखिर क्या होता है ये जानने के लिए पूरी खबर पढ़िए. 

1. घबराहट और तनाव (Anxiety and Stress)

डॉक्टर का सफेद कोट, क्लिनिक की गंध और अस्पताल का माहौल कई लोगों के मन में डर के साथ-साथ तनाव पैदा कर देता है. इसके साथ ही जब आप तनाव में होते हैं, तो आपका शरीर ‘फाइट या फ्लाइट’ (Fight or Flight) मोड में चला जाता है. इस दौरान एड्रेनालिन (Adrenaline) जैसे हार्मोन रिलीज होने लगते हैं, जो हृदय गति को तेजी से बढ़ाने का काम करते हैं और धमनियों (Arteries) को सिकोड़ देते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर अपने आप ही बढ़ने लगता है. 

2. चलने या शारीरिक गतिविधि का प्रभाव (Effect of walking or physical activity)

ज्यादा  हम क्लिनिक तक पहुंचने के लिए पैदल चलते हैं या फिर सीढ़ियां चढ़ते हैं या पार्किंग से चलकर आते हैं. लेकिन डॉक्टर के पास पहुंचते ही तुरंत बीपी चेक किया जाए, तो वह बढ़ा हुआ शो करता है. तो वहीं, सटीक रीडिंग के लिए बीपी चेक करने से पहले कम से कम 5-10 मिनट शांत बैठना बेहद ही जरूरी माना जाता है. 

3. कैफीन या धूम्रपान (Caffeine or Smoking)

इसके साथ ही अगर आपने डॉक्टर के पास जाने से ठीक पहले चाय, कॉफी पी है या सिगरेट पी है, तो यह भी आपके ब्लड प्रेशर को तेजी से बढ़ाने का काम कर सकता है. 

4. गलत बैठने का तरीका (Wrong Sitting Posture)

तो वहीं, दूसरी तरफ बीपी नापते समय एक बात का खास ध्यान देना जरूरी है, अगर आपके पैर जमीन पर सपाट नहीं हैं, आपकी पीठ को सहारा नहीं मिला है, या आपकी बाजू (Arm) हृदय के स्तर पर नहीं है, तो रीडिंग गलत भी दिखा सकती है. 

सटीक रीडिंग कैसे कर सकते हैं आप?

कुछ दिनों तक घर पर अलग-अलग समय पर अपना बीपी नोट करें और वह चार्ट डॉक्टर को दिखाना शुरू कर दें. इसके अलावा डॉक्टर आपको एक छोटी मशीन दे सकते हैं जो 24 घंटे आपके साथ रहती है और जो हर 30 मिनट में बीपी रिकॉर्ड करने का काम करेगी. यह बीपी रीडिंग का सबसे आसान तरीके में से एक माना जाता है. एक बात का यह ध्यान रखें कि डॉक्टर के केबिन में घुसते ही बीपी न नपवाएं पहले एक लंबी और घहरी सांस लें, शांत होने की कोशिश करें और फिर अपने बीपी को दिखाएं. 

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