Food Combos to Avoid: मटन प्रोटीन, आयरन, जिंक और विटामिन B12 से भरपूर एक पौष्टिक भोजन है. यह शरीर को ताकत देता है और सर्दियों में विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है. लेकिन अगर मटन को गलत खाद्य पदार्थों के साथ खाया जाए, तो यही पौष्टिक भोजन पाचन के लिए परेशानी बन सकता है. न्यूट्रिशन, फूड साइंस और आयुर्वेद—तीनों ही इस बात पर ज़ोर देते हैं कि भोजन के संयोजन (Food Combination) सही होने चाहिए. आइए जानते हैं कि मटन के साथ किन चीज़ों से परहेज करना चाहिए और क्यों.
मटन और दही
बहुत से लोग मटन के साथ रायता या दही खाना पसंद करते हैं, लेकिन न्यूट्रिशनिस्ट इसे सही नहीं मानते. मटन ‘हाई प्रोटीन और फैट’ वाला गर्म तासीर का भोजन है, जबकि दही ठंडी तासीर और भारी होता है.
भारीपन और गैस की वजह
फूड साइंस के अनुसार, दोनों की पाचन गति अलग-अलग होती है, जिससे पेट में गैस, सूजन और एसिडिटी हो सकती है. आयुर्वेद में इसे “विरुद्ध आहार” कहा गया है, जो लंबे समय में पाचन शक्ति को कमजोर कर सकता है.
मटन और दूध
मटन खाने के बाद दूध, लस्सी या मिल्क बेस्ड मिठाई खाना आम है, लेकिन यह संयोजन नुकसानदेह हो सकता है.
टॉक्सिन बनने का खतरा
न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, दूध और मटन दोनों ही हेवी फूड हैं. साथ में लेने पर ये पेट में ठीक से पच नहीं पाते. आयुर्वेद मानता है कि मांस और दूध साथ लेने से शरीर में “आम” (टॉक्सिन) बनता है, जिससे त्वचा रोग, एलर्जी और अपच की समस्या बढ़ सकती है.
मटन और मछली
कुछ लोग नॉनवेज थाली में मटन और फिश दोनों रखते हैं. फूड साइंस कहता है कि दोनों हाई प्रोटीन फूड हैं, लेकिन इनके पचने का तरीका अलग है.
डबल प्रोटीन का बोझ
न्यूट्रिशनिस्ट्स के अनुसार, यह संयोजन पेट पर ज़रूरत से ज्यादा दबाव डालता है, जिससे उलझन, भारीपन और बदहजमी होती है. आयुर्वेद में भी मटन और मछली को साथ खाने से बचने की सलाह दी गई है.
मटन और फल
मटन खाने के तुरंत बाद फल खाना सेहत के लिए ठीक नहीं माना जाता. फल जल्दी पच जाते हैं, जबकि मटन को पचने में ज्यादा समय लगता है.
गलत टाइमिंग, गलत असर
फूड साइंस के मुताबिक, जब फल मटन के साथ पेट में फंस जाते हैं, तो वे फर्मेंट होने लगते हैं, जिससे गैस और एसिडिटी होती है. न्यूट्रिशनिस्ट सलाह देते हैं कि फल हमेशा खाली पेट या भोजन से कम से कम 1–2 घंटे पहले या बाद में खाएं.
मटन और ज्यादा तली-भुनी चीज़ें
मटन खुद में ही फैटी होता है. अगर इसके साथ पूड़ी, फ्राइड स्नैक्स या ज्यादा तेल वाली सब्ज़ियां ली जाएं, तो पाचन तंत्र पर भारी असर पड़ता है.
फैट ओवरलोड
न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, इससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ने, एसिडिटी और वजन बढ़ने का खतरा रहता है. आयुर्वेद भी कहता है कि एक ही भोजन में बहुत ज्यादा “गुरु” (भारी) चीज़ें नहीं लेनी चाहिए.
आयुर्वेद, न्यूट्रिशन और फूड साइंस क्या सलाह देते हैं?
- मटन के साथ हल्की और पचने में आसान चीज़ें खाएं, जैसे रोटी, सादा चावल या उबली सब्ज़ियां.
- अदरक, लहसुन, काली मिर्च, जीरा और धनिया जैसे मसाले पाचन में मदद करते हैं.
- मटन खाने के बाद गुनगुना पानी या सौंफ का पानी लें.
- दही, दूध और फल को मटन से अलग समय पर लें.
- सीमित मात्रा में खाएं और रात में मटन खाने से बचें.