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दिल्ली नहीं तो देश के किस शहर में लागू हुई Odd-Even Scheme, जान लें चालान भरने से कैसे मिलेगी छूट?

Odd Even Scheme Panipat police: हरियाणा के पानीपत शहर में पुलिस प्रशासन ने ऑड-ईवन स्कीम (odd Even Scheme) लागू की है, जिसके तहत नियम  तोड़ने पर चालान भी किए जा रहे हैं।

Published by JP Yadav

Panipat Odd Even Scheme: वायु प्रदूषण के बढ़ने और खतरनाक होने की स्थिति में देश की राजधानी दिल्ली में ठंड के दौरान जनवरी-फरवरी में ऑड-ईवन स्कीम (Delhi Odd Even Scheme) लागू होती रही है। इसका कुछ फायदा भी मिलता है, लेकिन वायु प्रदूषण पर पूरी तरह से लगाम नहीं लग पाती है। पूर्व के अनुभव भी बताते हैं कि इसके लागू होने से ट्रैफिक में बहुत सुधार होता है और सड़कों पर बेवजह का जाम नहीं लगता है। इस बीच दिल्ली से सटे हरियाणा के पानीपत जिले में पुलिस प्रशासन () ने एक नई पहल शुरू करते हुए शहर में ऑड-ईवन स्कीम लागू की है। इसका मकसद ट्रैफिक जाम से निजात पाना और सड़कों पर भीड़भाड़ कम करना है।

लंबे जाम से निजात है मकसद

पानीपत शहर में लोगों को लंबे जाम से राहत देने के लिए स्थानीय पुलिस ने ऑड-ईवन स्कीम की शुरुआत की है। मंगलवार (2 सितंबर) को इसका ट्रायल  भी किया गया। ऑड-ईवन अभियान के दौरान यातायात पुलिसकर्मियों ने बड़ी संख्या में लोगों के चालान काटे। इसमें अच्छी बात यह है कि फिलहाल लोगों को इन चालानों से मुक्ति मिल जाएगी। इसके पीछे वजह यह है कि  केवल लोगों को समझाने के लिए इस ऑड-ईवन स्कीम की ट्राइल किया जा रहा है। इसे विधिवत लागू करने की स्थिति नियम तोड़ने वाले वाहनों के चालान भी किए जाएंगे। 

दिल्ली में कब लागू हुआ था ऑड-ईवन फॉर्मूला

 दिल्ली में पहली बार ऑड-ईवन फॉर्मूलावर्ष 2016 में प्रदूषण बढ़ने पर लागू किया गया था। ऑड-ईवन फॉर्मूला के तहत सड़कों पर निजी वाहन चालकों वैकल्पिक दिन दिए जाते हैं। लोग अपने वाहनों को सड़कों पर दौड़ा तो सकते हैं, लेकिन यह वाहन के  उनकी नंबर प्लेट के आखिरी अंक पर निर्भर करता है।

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क्या है ऑड-ईवन फॉर्मूला

ऑड-ईवन फॉर्मूला लागू होने पर वाहनों को उनके नंबर प्लेट के आखिरी अंक के आधार पर चलाने की अनुमति होती है। इस योजना का मकसद प्रदूषण कम करना और ट्रैफिक जाम से राहत दिलाना है। दिल्ली में इसके लिए स्टीकर भी लेना पड़ता है, जो इलेक्ट्रिकल व्हीकल होते हैं या फिर सीएनजी चालित वाहन होते हैं। ऑड-ईवन फॉर्मूला में वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर के आखिरी अंक को देखा जाता है। अगर वाहनों का रजिस्ट्रेशन नबंर 1, 3, 5, 7, 9 है, तो वो ऑड नंबर वाली है। वहीं, अगर आखिरी अंक 0, 2, 4, 6, 8 है, तो वो गाड़ी ईवन नंबर वाली है। 

किसे दी जाती है छूट

नियम के अनुसार, ऑड डेट्स मसलन 1, 3 और 5 नंबर को सिर्फ ऑड नंबर वाली गाड़ियां चल सकती हैं। इसके अलावा ईवन डेट्स जैसे 2, 4, 6) को सिर्फ़ ईवन नंबर वाली गाड़ियां चल सकती हैं। स्थानीय प्रशासन और सरकार ऑड-ईवन फॉर्मूला के दौरान दुपहिया वाहन, महिलाओं द्वारा चलाई जा रही गाड़ियां, CNG, इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड कारों के साथ इमरजेंसी वाहन को छूट भी देते हैं। इसके अलावा वीवीआईपी को भी  ऑड-ईवन फॉर्मूला में छूट देने का प्रावधान है।

JP Yadav

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