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Haryana Updates: गायों पर विशेष ध्यान देगी हरियाणा सरकार, करीब 10 करोड़ रुपये के फंड का हुआ एलान

गौशालाओं में गोवंश के स्वास्थ्य की जांच के लिए पशुचिकित्सों की उपलब्धता को सुनिश्चित कि जाएगी, 358 करोड़ 50 लाख रुपये की चारा अनुदान राशि गौशालाओं के विकास के लिए दी जा चुकी है

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प्रकाश अरुण की हरियाणा से रिपोर्ट:  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कल शनिवार शाम को श्री गौशाला सिरसा में आयोजित गौशाला चारा अनुदान वितरण समारोह में शिरकत की और किया बड़े पैकेज का एलान । जिला सिरसा की 137 गौशालाओं को 9 करोड़ 83 लाख रुपये की चारा अनुदान राशि के चेक प्रदान किए। इसी तरह से पूरे प्रदेश की 605 गौशालाओं के लिए कुल 88 करोड़ 50 लाख रुपये की चारा अनुदान राशि जारी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कल सिरसा शहर स्थित श्री गौशाला में आयोजित गौशालाओं को चारा अनुदान राशि वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित भी किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 21 लाख रुपये, कृषि तथा किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा व लोक निर्माण मंत्री ने 11-11 लाख रुपये का अनुदान देने की भी घोषणा की। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, राज्य सभा सांसद सुभाष बराला, पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल, हरियाणा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्रवण कुमार गर्ग और सहित बड़ी संख्या गोपालक उपस्थित रहे।

प्रदेश सरकार ने किया गौशालाओं के विकास

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार पंजीकृत गौशालाओं को पिछले साढ़े दस वर्षों में चारे के लिए 270 करोड़ रुपये का अनुदान दे चुकी है। आज की राशि को मिलाकर अब तक 358 करोड़ 50 लाख रुपये की चारा अनुदान राशि दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में गाय आदिकाल से ही पूजनीय रही है। पौराणिक कथाओं के अनुसार गाय में सभी देवी-देवता निवास करते हैं। गाय को आध्यात्मिक और दिव्य गुणों की स्वामिनी भी कहा गया है। देवताओं और असुरों के बीच हुए समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों में से एक कामधेनु गाय थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने गौशालाओं के विकास, गोवंश संरक्षण और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।अब नई गौशालाओं को जमीन की रजिस्ट्री पर कोई भी स्टाम्प ड्यूटी नहीं देनी पड़ती। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में गोवंश के स्वास्थ्य की जांच के लिए पशुचिकित्सों की उपलब्धता को सुनिश्चित किया है। तीन हजार से अधिक गौवंश वाली गौशालाओं में सप्ताह में एक दिन पशुचिकित्सक ड्यूटी करेगा। तीन हजार से कम गायों वाली गौशालाओं में सप्ताह में एक दिन वी.एल.डी.ए. ड्यूटी करेगा। साथ ही मोबाइल पशु चिकित्सालय की सेवाएं भी गौशालाओं के लिए उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश को बेसहारा गौवंश से मुक्त कराने के लिए तीन गौ अभ्यारण्य, गांव नैन, जिला पानीपत और गांव ढंढूर, जिला हिसार व पंचकूला में बनाए गए हैं। इसके अलावा चार नए गौ अभ्यारण भी बनाए जा रहे हैं। इनमें शैड, पानी, चारे की व्यवस्था की गई है। इनके लिए 8 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है, इनमें लगभग 8 हजार बेसहारा गोवंशों को आश्रय दिया जा सकता है। इसके अलावा प्रदेश सरकार गौशालाओं में आश्रित गौवंश की नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यापक प्रयास किये जा रहे हैं। गौशालाएं गाय के गोबर और गोमूत्र से प्राकृतिक फिनाइल, फॉस्फेट से भरपूर जैविक खाद, गोबर के बर्तन, गोबर से प्राकृतिक पेंट, गमला, दीया, धूप, साबुन और अन्य उत्पाद बना रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार तीन गुना गति से काम कर रही है और गाय, गंगा व गीता के संरक्षण पर पूरा ध्यान दे रही है।

गाय हमारी संस्कृति से जुड़ी है

किसान कल्याण एवं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि गाय हमारी संस्कृति से जुड़ी है। गाय को ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व है। देसी गाय का दूध अमृत समान है। पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है। इसी को ध्यान में रख प्रदेश सरकार पशुपालकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने नागरिकों का आह्वान किया कि हर घर में गाय अवश्य पालें। उन्होंने कहा कि हमें गाय के गोबर से बनी खाद का खेती में इस्तेमाल करें, इससे भूमि की उपजाऊ शक्ति में बढ़ोत्तरी होगी और हमें आर्गेनिक अनाज मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार गोवंश के नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान दे रही है और पशुपालकों को प्रोत्साहित कर रही है।
स्पीच – श्याम सिंह राणा, किसान कल्याण एवं पशुपालन मंत्री

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