नमस्ते का क्या है ‘सीक्रेट कोड? वैज्ञानिक सच कर देगा आपको हैरान

नमस्ते (Namaste) भारतीय विज्ञान (Indian Science) का एक गहरा पहलू है, जो हमारे सदियों से चलता आ रहा है.

Published by DARSHNA DEEP

Namaste Ancient Indian Greeting: ‘नमस्तेकेवल एक अभिवादन नहीं, बल्कि प्राचीन भारतीय विज्ञान से जुड़ा बेहद ही एक गहरा पहलू में से एक माना जाता है. जानकारी के मुताबिक, हाल के सालों में चाहे वह नमस्ते ट्रंपकार्यक्रम हो या फिर ओमान के उप प्रधानमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को विदाई देते समय हाथ जोड़ना, इस मुद्रा ने वैश्विक स्तर पर अपनी बेहतरीन पहचान बनाई है. तो वहीं, दूसरी तरफ विशेषकर वैश्विक महामारी के बाद, दुनिया ने इसे न केवल स्वच्छता (Hygiene) के नजरिए से अपनाया, बल्कि इसके पीछे छिपे सनातन विज्ञान को भी अच्छी तरह से समझने की कोशिश की है.

1. ऊर्जा बिंदुओं का सक्रिय होना (Pressure Points)

योग विज्ञान के मुताबिक, हमारी हथेलियों और उंगलियों के पोरों में शरीर के महत्वपूर्ण अंगों से जुड़े तंत्रिका बिंदु (Nerve Points) होते हैं. जम हम किसी को भी नमस्ते करने के लिए अपनी दोनों हथेलियों को आपसे में जोड़ते हैं तो उंगलियों पर थोड़ा हल्का दबाव पड़ने लगता है और यह दबाव हमारे सीधे दिल, आंखों के साथ-साथ कान के दबाव बिंदुओं को भी पूरी तरह से सक्रिय करता है.

तो वहीं, दूसरी तरफ यह प्रक्रिया संबंधित अंगों तर खुन के प्रवाह (Blood Circulation) और ऊर्जा के संचार को बढ़ाने में मदद करता है. इसके साथ ही हम उस इंसान के प्रति ज्यादा जागरूक और वर्तमान महसूस करते हैं.

2. मस्तिष्क में क्या होता है? (Neurological Science)

जब हम दोनों हाथों को मिलाते हैं, तो यह हमारे मस्तिष्क के दोनों हिस्सों को जोड़ने का काम करता है. यह शरीर के पैरासिम्पेथेटिक नर्वस (Parasympathetic Nervous) सिस्टम को सक्रिय करता है, जो हमें शांत करने में मदद करता है.

नमस्ते करते समय, हाथ दिल के पास रखे जाते हैं. जिससे यह स्थिति मस्तिष्क को संकेत देती है कि हम केवल दिमाग से नहीं, बल्कि हृदयसे भी लगातार जुड़ रहे हैं, जिससे आपसी संवाद में सहानुभूति (Empathy) पहले से ज्यादा और भी बढ़ने लगती है.

Related Post

3. संवेदी सक्रियता और मानसिक स्पष्टता

नमस्ते की मुद्रा एक मुद्रा‘ (योग का हिस्सा) है, जो ध्यान पर केंद्रित है. दरअसल, हम जब भी अपनी हथेलियों को शरीर से जोड़ते हैं तो, हमारे शरीर की ऊर्जा बाहर की तरफ रिसाव रुक जाता है और एक क्लोज्ड सर्किट‘ (Closed Circuit) बनता है. तो वहीं, दूसरी तरफ हमारे शरीर की यह ऊर्जा वापस शरीर के अंदर ही प्रवाहित होती है, जिससे मानसिक स्पष्टता (Mental Clarity) और सतर्कता बढ़ने लगती है.

वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस मुद्रा से जुड़े दबाव बिंदु मस्तिष्क के उस हिस्से पर सबसे ज्यादा ज़ोर देने का काम करते हैं, जो जानकारी को लंबे समय तक याद रखने में सबसे ज्यादा हमारी मदद भी करता. तो यहीं वजह है कि, जिस भी इंसान को हम नमस्ते करते हैं, उसकी स्मृति हमारे दिमाग में सबसे ज्यादा गहरी होती है.

4. सनातन विज्ञान: एक आध्यात्मिक ढाल

सनातन परंपरा में ऐसा माना जाता है कि दाहिना हाथ उच्च प्रकृतिऔर बायां हाथ निचली प्रकृतिका प्रतिनिधित्व (Represenation) करता है. इन्हें जोड़ने का सीधा मतलब है कि अपने भीतर के बुराई को पूरी तरह से खत्म करना है.

नमस्ते का अर्थ है “नम: + ते” (मैं आपको नमन करता हूँ)। यह मुद्रा सामने वाले के अंदर मौजूद परमात्मा को स्वीकार करती है. यह व्यक्ति के अहंकार को भी पूरी तरह से कम करती है, जो मानसिक शांति के लिए सबसे ज्यादा ज़रूरी है. तो वहीं, हाथ मिलाने से ऊर्जाओं का आदान-प्रदान भी देखने को मिलता है, जिसमें हमारी अंदर की नकारात्मक ऊर्जा भी शामिल है.

नमस्ते एक सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए सकारात्मक ऊर्जा का संचार सुनिश्चित करने में मदद करता है. तो देखा आपने नमस्तेसिर्फ एक इशारा नहीं, बल्कि शरीर, मस्तिष्क और आत्मा को जोड़ने वाला एक विज्ञान भी है, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है.

DARSHNA DEEP

Recent Posts

WPL 2026 Prize Money: फाइनल जीतते ही टीम का हर खिलाड़ी बन जाएगा करोड़पति, जानें इनामी राशि

WPL 2026 Prize Money: WPL 2026 का फाइनल दिल्ली कैपिटल्स और RCB के बीच वडोदरा…

February 5, 2026

क्या वाकई फैट बर्नर है कॉफ़ी? लोगों की कन्फ्यूजन पर एक्सपर्ट्स ने दी साफ राय

Benefits Of Coffee: सोशल मीडिया पर आजकल 7 सेकंड कॉफी ट्रिक और इस दावे की…

February 5, 2026

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में Dr. Cancer पहल का लोगो लॉन्च किया

लखनऊ (उत्तर प्रदेश), फरवरी 05: उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में ‘Dr. Cancer’पहल के आधिकारिक लोगो का लोकार्पण किया।इस अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, सामाजिक प्रतिनिधि और आयोजन से संबंधित टीम मौजूद रही। लोगो लॉन्च के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि कैंसर की समय पर पहचान (Early Detection), जन–जागरूकता और मरीजों को सहयोग स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं हैं।उन्होंने पहल से जुड़ी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से समुदाय स्तर पर जागरूकता और सपोर्ट सिस्टम मजबूत होता है। इस पहल के संबंध में‘Dr. Cancer’ और संवेदना होम्योपैथिक क्लिनिक के निदेशक डॉ. गौरीशंकर ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य कैंसर जागरूकता, स्क्रीनिंग/रिफरल मार्गदर्शन, तथा मरीजों की गुणवत्ता–जीवन (Quality of Life) बेहतर करने के लिए सपोर्टिव केयर से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाना है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मरीज के लिए उपचार निर्णय योग्य चिकित्सकों की सलाह और स्थापित मेडिकल प्रोटोकॉल केअनुसार ही होने चाहिए।…

February 5, 2026

DSSSB PRT Admit Card 2026 Release Time: कब रिलीज होगा DSSSB PRT का एडमिट कार्ड, जान लें एग्जाम पैटर्न

DSSSB PRT Admit Card 2026 Release Time: दिल्ली सबऑर्डिनेट सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (DSSSB) जल्द ही…

February 5, 2026