General Knowledge: दक्षिण भारत में एक ऐसा शहर है जो सदियों से ट्रेड, ट्रैवल और कल्चरल लेन-देन का गेटवे रहा है. यह ऐतिहासिक तटीय शहर न सिर्फ दक्षिण भारत की पहली झलक दिखाता है, बल्कि देश को बाकी दुनिया से जोड़ने वाली एक जरूरी कड़ी का भी काम करता है. इसी वजह से इसे बहुत दिनों से ‘दक्षिण भारत का प्रवेश द्वार’ कहा जाता है. लेकिन सवाल यह है कि भारत के किस शहर को ‘दक्षिण भारत का प्रवेश द्वार’ कहा जाता है? अगर आपको इसका जवाब नहीं पता, तो आज हम इस शहर के बारे में डिटेल में बताएंगे.
इसे दक्षिण भारत का गेटवे क्यों कहा जाता है?
असल में हम जिस शहर की बात कर रहे हैं, वह तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई है, जिसे दक्षिण भारत का गेटवे कहा जाता है. चेन्नई को साउथ इंडिया का गेटवे इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह ट्रेडिशनली दक्षिणी राज्यों में आने-जाने का मेन एंट्री पॉइंट रहा है. ईस्ट कोस्ट पर बसा होने के कारण यह समुद्र के रास्ते आने वाले व्यापारियों, यात्रियों और विदेशी शासकों के लिए पहला पोर्ट ऑफ कॉल था. यह तमिलनाडु और बाकी साउथ इंडिया के लिए आसानी से एक्सेसिबल था, जिससे यह इस इलाके का एक नेचुरल गेटवे बन गया है.
JNU protests: जेएनयू में उबाल,कैंपस में सैकड़ों छात्रों का प्रदर्शन, पदाधिकारियों के निष्कासन पर फूटा गुस्सा
चेन्नई की शुरुआत और हिस्ट्री
चेन्नई जिसे पहले मद्रास के नाम से जाना जाता था, भारत में ब्रिटिश राज के तहत सबसे शुरुआती बस्तियों में से एक थी. यह मद्रास प्रेसीडेंसी की कैपिटल बन गई, जिसमें दक्षिण भारत का एक बड़ा हिस्सा शामिल था. ब्रिटिश राज के दौरान चेन्नई एक जरूरी एडमिनिस्ट्रेटिव, मिलिट्री, एजुकेशनल और कमर्शियल सेंटर के तौर पर डेवलप हुआ है. इसके ऐतिहासिक महत्व ने इसे दक्षिण भारत के गेटवे के तौर पर पहचान दिलाई है.
चेन्नई का ज्योग्राफिकल महत्व
चेन्नई बंगाल की खाड़ी के किनारे कोरोमंडल कोस्ट पर है. इसकी तटीय लोकेशन की वजह से दक्षिण-पूर्व एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट तक आसानी से समुद्री रास्ता मिल जाता था. इस ज्योग्राफिकल फ़ायदे ने चेन्नई को एक बड़े पोर्ट शहर के तौर पर डेवलप होने में मदद की और दक्षिण भारत के लिए एक खास एंट्री और एग्जिट पॉइंट के तौर पर इसकी भूमिका को मजबूत किया है.
Aaj ka Rashifal 23 Feb 2026: कारोबारी पार्टनर से रहें सतर्क, नौकरी में मिलेगा प्रमोशन; पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल
चेन्नई का कल्चरल महत्व
चेन्नई को दक्षिण भारत खासकर तमिलनाडु की कल्चरल कैपिटल माना जाता है. यह शहर कर्नाटक म्यूज़िक, भरतनाट्यम डांस, क्लासिकल आर्ट्स, तमिल लिटरेचर, ऐतिहासिक मंदिरों और पारंपरिक त्योहारों के लिए मशहूर है. यह दक्षिण भारतीय परंपराओं को बचाकर रखता है और उन्हें दुनिया के सामने पेश करता है, जिससे एक गेटवे के तौर पर इसका सांस्कृतिक महत्व और बढ़ जाता है.

