Shahid Kapoor struggle: आज शाहिद कूपर को हैदर, कबीर सिंह, और उड़ता पंजाब जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय के लिए सराहा जाता है. लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं था. लीडिंग हीरो बनने से पहले शाहिद ने कई ऑडिशन दिए, कई बार रिजेक्ट हुए और स्टेज पर बड़े बॉलीवुड प्रोड्यूसर्स के साथ बैकग्राउंड डांसर के रूप में भी काम किया. आइए जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें, जो शायद आप नहीं जानते होंगे.
आइकॉनिक फिल्मों में रह चुके हैं बैकग्राउंड डांसर
फिल्मों में डेब्यू करने से पहले शाहिद मशहूर कोरियोग्राफर शियामक दावर के डांस ट्रूप का हिस्सा थे. उस दौरान वे ‘ताल और ‘दिल तो पागल है’ जैसी फिल्मों में बैकग्राउंड डांसर के रूप में नजर आए. ‘ताल’ के एक सीन में वे ऐश्वर्या राय बच्चन के साथ फ्रेम में दिखाई देते हैं. उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यही युवा डांसर आगे चलकर बॉलीवुड का बड़ा स्टार बनेगा.
असली F-16 फाइटर जेट उड़ा चुके हैं
फिल्म ‘मौसम’ के लिए शाहिद ने कड़ी ट्रेनिंग ली और असली फाइटर एयरक्राफ्ट उड़ाया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने एक महीने से ज्यादा की ट्रेनिंग के बाद अमेरिकी F-16 सुपर वाइपर जेट उड़ाया और ऐसा करने वाले पहले भारतीय अभिनेता बने. भले ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित नहीं हुई, लेकिन उनकी यह उपलब्धि आज भी खास मानी जाती है.
नसीरुद्दीन शाह से है पारिवारिक रिश्ता
कई फैंस नहीं जानते कि शाहिद का दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह से पारिवारिक संबंध है. शाहिद की सौतेली मां सुप्रिया पाठक, रत्ना पाठक शाह की बहन हैं, और रत्ना की शादी नसीरुद्दीन शाह से हुई है. इस तरह शाहिद, नसीरुद्दीन शाह के सौतेले भतीजे लगते हैं.
एक किताब ने बदल दी जिंदगी
शाहिद कई सालों से शाकाहारी हैं और बाद में उन्होंने वीगन लाइफस्टाइल भी अपना लिया. उनके पिता पंकज कपूर ने उन्हें मांसाहार से दूर रहने की सलाह दी थी, लेकिन असली बदलाव तब आया जब उन्होंने ब्रायन हाइंस की किताब ‘Life Is Fair’ पढ़ी. इस किताब की विचारधारा ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया और उन्होंने नॉन-वेज पूरी तरह छोड़ दिया. उनकी फिटनेस और एनर्जी का श्रेय अक्सर उनके अनुशासित जीवनशैली को दिया जाता है.
‘इश्क विश्क’ से पहले झेले 100 से ज्यादा रिजेक्शन
फिल्म ‘इश्क विश्क’ से पहले शाहिद को करीब 100 ऑडिशन में रिजेक्ट किया गया था. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि कई बार उनके पास खाने तक के पैसे नहीं होते थे और ऑडिशन तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता था. लोग समझते थे कि वह पंकज कपूर के बेटे हैं, इसलिए उन्हें आसानी से मौका मिल गया होगा, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग थी. उनकी सफलता उनके संघर्ष और धैर्य की कहानी बयान करती है.
असली सरनेम है खट्टर
भले ही वह प्रोफेशनली शाहिद कपूर के नाम से जाने जाते हैं, लेकिन उनके पासपोर्ट पर उनका सरनेम ‘खट्टर’ दर्ज है. यह नाम राजेश खटटर से जुड़ा है, जो उनकी मां नीलिमा अज़ीम के पूर्व पति और अभिनेता ईशान खट्टर के पिता हैं. निर्माता रमेश तौरानी ने भी बताया था कि शुरुआती दिनों में वह नहीं जानते थे कि शाहिद, पंकज कपूर के बेटे हैं. बाद में फिल्मों में आने के दौरान उन्होंने ‘कपूर’ सरनेम अपनाया.

