Categories: मनोरंजन

Rashmika Mandanna wedding: हाथ में हरा नारियल लेकर विजय की ओर बढ़ी रश्मिका, जाने तेलुगु शादियों की ये अनोखी रस्म

Rashmika Mandanna wedding: रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी पारंपरिक दक्षिण भारतीय रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई. रश्मिका की ब्राइडल एंट्री खास चर्चा में रही, क्योंकि वह मंडप की ओर हरा नारियल लेकर बढ़ीं.

Published by Ranjana Sharma

Rashmika Mandanna wedding: दक्षिण भारतीय सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री रश्मिका मंदाना और अभिनेता विजय देवरकोंडा की शादी ने पारंपरिक भव्यता और सांस्कृतिक गरिमा की अनोखी मिसाल पेश की. यह विवाह समारोह किसी ड्रीम वेडिंग से कम नहीं था. कपड़ों से लेकर आभूषणों तक हर चीज में दक्षिण भारतीय परंपरा की झलक साफ दिखाई दी. खास बात यह रही कि शादी तेलुगु और कोडवा, दोनों रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुई.

क्या है ‘कोब्बारी बोंडम’ की परंपरा?

हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा रश्मिका की ब्राइडल एंट्री को लेकर हुई. जब वह दुल्हन के रूप में मंडप की ओर बढ़ीं तो उनके हाथों में सादा हरा नारियल था. जैसे ही उनकी तस्वीरें सामने आईं, सोशल मीडिया पर लोगों के मन में जिज्ञासा जागी कि आखिर तेलुगु शादी में दुल्हन हरा नारियल क्यों लेकर चलती है? दरअसल, तेलुगु विवाह परंपरा में दुल्हन के हाथ में रखा जाने वाला हरा नारियल ‘कोब्बारी बोंडम’ कहलाता है. यह सामान्य सूखे नारियल से अलग होता है और इसे विशेष रूप से शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार नारियल पवित्रता, समृद्धि और ईश्वर की कृपा का प्रतीक है. विवाह जैसे मांगलिक अवसर पर इसका उपयोग नए जीवन की शुभ शुरुआत का संकेत देता है.

Related Post

यह है मान्यताएं

मान्यता है कि हरा नारियल उर्वरता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होता है. दुल्हन जब इसे हाथ में लेकर मंडप की ओर बढ़ती है तो यह इस बात का संकेत होता है कि वह अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत भगवान के आशीर्वाद और शुभ कामनाओं के साथ कर रही है. कई परिवारों में इस नारियल को विशेष रूप से सजाया भी जाता है, ताकि यह परंपरा और श्रद्धा दोनों का प्रतीक बन सके.हिंदू धार्मिक परंपराओं में नारियल को अत्यंत शुभ फल माना गया है. किसी भी पूजा या मांगलिक कार्य में इसे देवताओं को अर्पित किया जाता है. विवाह में दुल्हन द्वारा नारियल धारण करना पूर्वजों की परंपराओं का सम्मान करने और अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकेत भी है. ऐसा माना जाता है कि इससे दांपत्य जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है.

पारंपरिक लुक में दिखीं रश्मिका

रश्मिका के विवाह परिधान की बात करें तो उन्होंने लाल बॉर्डर वाली रस्ट रंग की पारंपरिक साड़ी पहनी थी, जिस पर मंदिर शैली की कढ़ाई की गई थी. इसके साथ उन्होंने कई परतों में सोने के आभूषण पहने, जिनमें चोकर और लंबी हार शामिल थीं. उनकी चोटी में सजा ‘जड़ा बिल्ला’ और पारंपरिक गहनों ने उन्हें पूरी तरह तेलुगु-कन्नड़ दुल्हन का रूप दे दिया. इस तरह रश्मिका की शादी न केवल भव्यता का उदाहरण बनी, बल्कि दक्षिण भारतीय परंपराओं की सुंदरता और आध्यात्मिक महत्व को भी सामने लेकर आई. हरे नारियल की यह छोटी-सी रस्म विवाह की गहरी सांस्कृतिक जड़ों और आस्था का प्रतीक बन गई.

Ranjana Sharma
Published by Ranjana Sharma

Recent Posts

Pawan Khera Case: पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, ट्रांजिट बेल पर लगी रोक, जानें पूरा मामला

Pawan Khera Case: सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को मिली ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक…

April 15, 2026

Vaishakh Amavasya 2026 date: वैशाख अमावस्या  कन्फ्यूजन खत्म! जानिए सही तारीख, स्नान-दान और पितरों का महत्व

Vaishakh Amavasya 2026 date: वैशाख अमावस्या की सही तारीख 17 अप्रैल, उदयातिथि के आधार पर…

April 15, 2026

Delhi fire accident: दिल्ली के बुध विहार में भीषण आग, जिंदा जले दंपती और मासूम, 6 दमकल गाड़ियों ने पाया काबू

Delhi fire accident: दिल्ली के बुध विहार में झुग्गियों में देर रात लगी आग, एक…

April 15, 2026