Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: बॉलीवुड एक्टर और कॉमेडियन राजपाल यादव इन दिनों काफी परेशानी में गुजर रहे हैं. हाल ही में चेक बाउंस के मामले के चलते वो तिहाड़ जेल में बंद हैं. इस मुश्किल समय में अब राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री से कई लोग उनका सपोर्ट कर रहे हैं. हाल ही में उनकी मदद के लिए टीवी एक्टर गुरमीत चौधरी और एक्टर सोनू सूद ने मदद का पैगाम दिया है और अब जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नेता तेज प्रताप यादव ने राजपाल यादव के परिवार को आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है.
तेज प्रताप यादव ने की मदद
तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर कहा कि उन्हें राजपाल यादव के परिवार की पीड़ा की जानकारी मिली है. उन्होंने लिखा कि इस बेहद कठिन समय में वह और उनकी पूरी पार्टी राजपाल यादव के परिवार के साथ खड़ी है.
तेज प्रताप यादव ने बताया कि मानवीय भावना के तहत JJD परिवार की ओर से 11 लाख रुपये की मदद राजपाल यादव के परिवार को देगी, ताकि उन्हें इस संकट से उबरने में मदद मिल सके.
सोनू सूद और गुरमीत चौधरी भी कर चुके हैं सपोर्ट
राजपाल यादव के सपोर्ट में इससे पहले सोनू सूद सामने आए थे. उन्होंने न सिर्फ राजपाल यादव को फिल्म ऑफर की, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री से भी उनके लिए आगे आने की अपील की थी. इसके बाद टीवी और ओटीटी एक्टर गुरमीत चौधरी ने भी इमोश्नल पोस्ट शेयर कर राजपाल यादव की मदद का भरोसा दिलाया और इंडस्ट्री के लोगों से उनकी मदद करने को कहा.
KRK ने भी की आर्थिक मदद की पेशकश
फिल्म एक्टर कमाल राशिद खान (KRK) ने भी राजपाल यादव की मदद के लिए कदम बढ़ाया हैय उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि वो 10 लाख रुपये देने के लिए तैयार हैं. साथ ही उन्होंने बॉलीवुड के अन्य लोगों से अपील की कि सब मिलकर रकम इकट्ठा करें, ताकि राजपाल यादव को जल्द जेल से बाहर लाया जा सके.
क्या है राजपाल यादव का चेक बाउंस मामला
ये मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने फिल्म ‘आता पता लापता’ का निर्देशन किया था. फिल्म के लिए उन्होंने मुरगली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी से करीब 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे. कर्ज चुकाने के लिए दिए गए चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद कंपनी ने उनके खिलाफ केस दर्ज कराया. राजपाल यादव ने अपने आप को 4 फरवरी को सरेंडर किया और वो अब तिहाड़ जेल में हैं.
राजपाल यादव का चेक बाउंस हो गया था जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें 6 महीने की सजा सुनाई है. ये मामला अवमानना का है, इसलिए राजपाल यादव को मिल रही आर्थिक मदद से वो वापस आएंगे या नहीं ये तो वक्त ही बताएगा.

