Guess The Actress: भारतीय सिनेमा में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जिनकी पहचान पीढ़ियों तक बनी रहती है. श्रीदेवी उन्हीं में से एक थीं. उन्होंने बहुत छोटी उम्र में फिल्मों की दुनिया में कदम रखा और मेहनत के बल पर अपनी अलग जगह बनाई. उनकी जिंदगी सिर्फ चमक-दमक से भरी नहीं थी, बल्कि उसमें कई अनकही बातें और अधूरे सपने भी थे.
श्रीदेवी का जन्म 13 अगस्त 1963 को तमिलनाडु में हुआ था. जब वे सिर्फ 4 साल की थीं, तब उन्होंने तमिल फिल्म थुनाइवन में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम किया. इतनी छोटी उम्र में काम शुरू करना आसान नहीं होता, लेकिन श्रीदेवी ने इसे अपना जीवन बना लिया.
पढ़ाई क्यों रह गई पीछे
फिल्मों में लगातार काम मिलने लगा. शूटिंग, यात्राएं और लंबे समय तक सेट पर रहना इन सबके बीच स्कूल जाना मुश्किल हो गया. धीरे-धीरे पढ़ाई छूटती चली गई और उन्होंने पूरी तरह अभिनय पर ध्यान देना शुरू कर दिया.
श्रीदेवी ने कई बार बताया था कि उन्हें स्कूल न जा पाने का दुख हमेशा रहा. वे चाहती थीं कि काश उन्हें भी दूसरे बच्चों की तरह स्कूल जाने, दोस्त बनाने और सामान्य बचपन जीने का मौका मिलता. उनका बचपन क्लासरूम की जगह फिल्म सेट पर बीता.
बिना स्कूल जाए सीखी कई भाषाएं
हालांकि वे स्कूल नहीं जा सकीं, लेकिन सीखने की उनकी इच्छा कभी कम नहीं हुई. श्रीदेवी को तमिल, तेलुगू, मलयालम, कन्नड़ और हिंदी अच्छी तरह आती थीं. बाद में उन्होंने अंग्रेजी भी सीख ली. ये सब उन्होंने काम करते हुए और लोगों से बातचीत के जरिए सीखा.
बेटियों की पढ़ाई को दी पूरी अहमियत
अपने अनुभव से सीख लेते हुए श्रीदेवी ने अपनी बेटियों की शिक्षा को सबसे ऊपर रखा. जाह्नवी और खुशी की पढ़ाई पर वे खास ध्यान देती थीं. उन्होंने दोनों को अच्छे स्कूल में पढ़ाया और आगे की पढ़ाई के लिए विदेश भेजा, ताकि उन्हें वह मौका मिले जो खुद श्रीदेवी को नहीं मिल पाया.
श्रीदेवी की कहानी सिर्फ एक सफल एक्ट्रेस की नहीं है, बल्कि एक ऐसी लड़की की भी है जिसने कम उम्र में जिम्मेदारियां संभालीं. उनकी जिंदगी हमें ये सिखाती है कि सीखना कभी रुकता नहीं और अपने अधूरे सपनों से भी आगे की राह बनाई जा सकती है.