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NCERT को मिला ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ का दर्जा, अब खुद प्रदान करेगा डिग्री! यहां जानें जनवरी से शुरू होने वाले खास कोर्सेज के बारे में

शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मोड़ लेते हुए, भारत सरकार (Indian Government) ने एनसीईआरटी (NCERT) यानी राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद को 'डीम्ड विश्वविद्यालय' (Deemed-to-be-University) का दर्जा प्रदान कर दिया है.

Published by DARSHNA DEEP

Granted university status from January, find out which courses will be offered: शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को ‘डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी’ (Deemed-to-be-University) का बेहद ही महत्वपूर्ण दर्जा देते हुए इसे एक ऐतिहासिक कदम उठाने का काम किया है. यानी,  इसका मतलब है कि अब NCERT देश के अन्य बड़े विश्वविद्यालयों की तरह अपने स्नातक (Undergraduate), स्नातकोत्तर (Postgraduate) और डॉक्टरेट (Ph.D) प्रोग्राम खुद संचालित कर सकेगा और यहां तक की छात्रों को डिग्री भी देने का काम करेगा.  

विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के फायदे

अब तक एनसीईआरटी मुख्य रूप से स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकें तैयार करने तक ही सीमित था, लेकिन अब विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद खुद की डिग्री (UG, PG और PhD) देना का काम करेगा. इसके साथ ही अपना खुद का पाठ्यक्रम और शोध कार्यक्रम तैयार करने के लिए स्वतंत्र होगा और वैश्विक स्तर पर अन्य विश्वविद्यालयों के साथ सीधे शैक्षिक समझौते और अनुसंधान कर सकेगा. 

क्या है उपलब्ध होने वाले प्रमुख पाठ्यक्रम?

तो वहीं, दूसरी तरफ विश्वविद्यालय बनने के बाद एनसीईआरटी अपने क्षेत्रीय शिक्षा संस्थानों (RIE) के माध्यम से कई आधुनिक और शोध-आधारित पाठ्यक्रम पेश करने जा रहा है. 

1. एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (ITEP)

4-वर्षीय एकीकृत B.A.-B.Ed. और B.Sc.-B.Ed. प्रोग्राम, जो नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के देने की कोशिश. 

2. शिक्षा में स्नातकोत्तर (M.Ed.)

तो वहीं, खास रूप से अनुसंधान और शैक्षिक प्रबंधन पर केंद्रित मास्टर प्रोग्राम. 

3. विशेष शिक्षा (Special Education)

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इसके अलावा दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम किए जाएंगे घोषित. 

4. अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ECCE)

इतना ही नहीं, छोटे बच्चों के प्रारंभिक विकास पर आधारित सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स देने का काम.

5. डॉक्टरेट प्रोग्राम (Ph.D.)

शिक्षा शास्त्र, मनोविज्ञान, और पाठ्यक्रम विकास जैसे विषयों में उच्च स्तरीय शोध के दिए जाएंगे खास अवसर. 

6. शैक्षिक प्रौद्योगिकी (Ed-Tech)

डिजिटल लर्निंग और एआई-आधारित शिक्षण उपकरणों पर आधारित होंगे नए कोर्स.

यह छात्रों के लिए क्यों है सबसे ज्यादा महत्व?

अब सबसे आखिरी में यह सवाल उठता है कि यह फैसला छात्रों के लिए क्यों इतना ज्यादा महत्व रखता है. जानकारी के अनुसार,  यह खास तौर से उन छात्रों के लिए बेहद बड़ा वरदान साबित होगा जो शिक्षण (Teaching) को अपना करियर बनाना चाहते हैं. तो वहीं, अब वे देश के सबसे विश्वसनीय संस्थान से सीधे स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त कर सकेंगे. इससे न सिर्फ शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलेगा, बल्कि भारतीय शिक्षा प्रणाली को वैश्विक मानकों के और भी ज्यादा करीब लाया जा सकेगा. 

DARSHNA DEEP

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