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रिटायरमेंट के बाद भी CJI आवास में क्यों रह रहे हैं पूर्व मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़? वजह जान नहीं रोक पाएंगे आंसू, खुद ही किया खुलासा

डीवाई चंद्रचूड़ ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई पहली बार नहीं हो रहा है। इससे पहले भी जस्टिस यू यू ललित और एन वी रमना को सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी आवास दिए गए थे। ऐसे में उन्हें जो कुछ समय मिला है, वह असामान्य नहीं है।

Published by Divyanshi Singh

CJI Chandrachud:भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जो नवंबर 2024 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं, अब भी आधिकारिक CJI आवास में रह रहे हैं। हालांकि यह बात पहली नज़र में नियमों के खिलाफ लगती है, लेकिन जब इस देरी की वजह सामने आई, तो लोगों के दिल भर आए।

क्यों हुई बंगला खाली करने में देरी?

पूर्व CJI चंद्रचूड़ ने बताया कि उनकी दोनों बेटियाँ एक असामान्य और खतरनाक  बीमारी नेमालाइन मायोपैथी (Nemaline Myopathy) से पीड़ित हैं। यह एक प्रकार का न्यूरोमस्कुलर डिसऑर्डर है, जो मांसपेशियों को कमजोर कर देता है और मरीजों को व्हीलचेयर पर जीवन बिताने के लिए मजबूर करता है। उनके अनुसार, बेटियों को खास देखभाल और स्वच्छ वातावरण की आवश्यकता है।

तैयार हो रहा है व्हीलचेयर-फ्रेंडली घर

चंद्रचूड़ ने बताया कि उनके परिवार ने पहले ही अपना सामान पैक कर लिया है और कुछ सामान नए घर में भेजा भी जा चुका है। लेकिन चूंकि नया घर वर्षों से खाली पड़ा था जिसकी वजह से उसकी मरम्मत और व्हीलचेयर के अनुकूल बनवाने में समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे ही मरम्मत पूरी होगी, वे वहां शिफ्ट हो जाएंगे।

CJI गवई को दे दी थी जानकारी

पूर्व CJI ने बताया कि उन्होंने अपने उत्तराधिकारी, वर्तमान CJI बी आर गवई को न सिर्फ इस देरी की सूचना दी, बल्कि उन्हें बताया कि उन्हें नया सरकारी आवास मिल चुका है और वहां शिफ्ट होने की तैयारी जारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 14, तुगलक रोड स्थित अपने पुराने आवास में वापस जाने की बात भी उन्होंने संजीव खन्ना से साझा की थी, लेकिन खन्ना ने उन्हें मौजूदा CJI बंगले में ही रहने की अनुमति दी।

यह कोई विशेषाधिकार नहीं

डीवाई चंद्रचूड़ ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई पहली बार नहीं हो रहा है। इससे पहले भी जस्टिस यू यू ललित और एन वी रमना को सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी आवास दिए गए थे। ऐसे में उन्हें जो कुछ समय मिला है, वह असामान्य नहीं है।

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सरकारी प्रक्रिया के तहत मांगा गया था विस्तार

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट जज (संशोधन) नियम, 2022 के अनुसार, रिटायर CJI को अधिकतम 6 महीने तक टाइप VII बंगले में रहने की अनुमति होती है। चंद्रचूड़ ने 30 अप्रैल तक का समय मांगा था और बाद में 30 जून तक विस्तार के लिए आवेदन किया। उनका कहना है कि कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया भले ही न आई हो, लेकिन उन्होंने फोन पर इसकी सूचना दी थी।

ये कोई लग्ज़री नहीं, ज़रूरत है”– चंद्रचूड़

पूर्व CJI ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी बड़ी बेटी ICU में 44 दिन भर्ती रही थी और अब उसे ट्रैकियोस्टोमी ट्यूब लगी है। उन्होंने कहा, “ये कोई लग्ज़री नहीं है, ये ज़रूरत है। हमें ऐसे घर की जरूरत है जो हमारी बेटियों की खास देखभाल को पूरा कर सके।”

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