Delhi Me Kya Bandh Or Khula: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों के आह्वान पर 12 फरवरी, बुधवार को देशव्यापी हड़ताल होने जा रही है. इस संयुक्त विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) समेत कई बड़े संगठन शामिल हैं. देशभर में तैयारियां तेज हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में नोटिस जारी किए जा चुके हैं. ऐसे में राजधानी दिल्ली के लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल है-क्या बैंक, स्कूल, कॉलेज और बाजार बंद रहेंगे या सामान्य कामकाज जारी रहेगा? आइए जानते हैं दिल्ली में क्या खुला रहेगा और किन सेवाओं पर असर पड़ सकता है.
बैंकिंग सेवाओं पर क्या असर पड़ेगा
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज प्रभावित हो सकता है. ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन, एआईबीओए और बीईएफआई जैसे संगठनों ने अपने सदस्यों से हड़ताल में शामिल होने की अपील की है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और आईडीबीआई बैंक को भी हड़ताल की सूचना दी गई है. हालांकि 12 फरवरी को आधिकारिक बैंक अवकाश घोषित नहीं किया गया है. ऐसे में शाखाएं खुली रह सकती हैं, लेकिन स्टाफ की भागीदारी के आधार पर कामकाज सीमित हो सकता है. ग्राहकों को चेक क्लियरेंस, नकद जमा-निकासी और शाखा सेवाओं में देरी का सामना करना पड़ सकता है. एटीएम और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं चालू रहने की संभावना है, हालांकि तकनीकी या प्रोसेसिंग में मामूली विलंब हो सकता है. निजी बैंकों में कामकाज सामान्य रह सकता है, पर स्थिति स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है.
स्कूल–कॉलेज की स्थिति
देशव्यापी स्तर पर शिक्षण संस्थानों को बंद रखने की कोई एकीकृत घोषणा नहीं हुई है. लेकिन जिन राज्यों में बंद का व्यापक समर्थन है-जैसे केरल, कर्नाटक या ओडिशा-वहां परिवहन बाधित होने या स्थानीय संगठनों के समर्थन के कारण स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा की जा सकती है. अभिभावकों और विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपने संस्थान की आधिकारिक सूचना पर नजर रखें.
परिवहन और बाजार
विरोध प्रदर्शनों और संभावित ‘चक्का जाम’ के चलते कुछ इलाकों में बस सेवाएं और अन्य सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हो सकते हैं. जहां प्रदर्शन अधिक तीव्र होंगे, वहां बाजार और दुकानें भी बंद रह सकती हैं. सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रह सकती है या कामकाज आंशिक रूप से ठप हो सकता है यह भागीदारी के स्तर पर निर्भर करेगा.
क्या रहेगा सामान्य
आपातकालीन सेवाएं-जैसे अस्पताल, एम्बुलेंस और चिकित्सा सुविधाएं-सामान्य रूप से संचालित होने की संभावना है। हवाई अड्डों पर उड़ान सेवाएं जारी रहेंगी, हालांकि यातायात बाधित होने की स्थिति में यात्रियों को समय से पहले निकलने की सलाह दी गई है.
आम लोगों के लिए सलाह
- बैंक से जुड़े जरूरी काम पहले निपटा लें.
- यात्रा से पहले स्थानीय ट्रैफिक और परिवहन अपडेट जरूर देखें.
- स्कूल या कॉलेज की आधिकारिक सूचना की पुष्टि करें.
- भीड़भाड़ या प्रदर्शन वाले इलाकों से बचें.
कुल मिलाकर 12 फरवरी की हड़ताल का असर राज्यों और शहरों के हिसाब से अलग-अलग दिख सकता है. कुछ जगह सामान्य दिन जैसा माहौल रहेगा, तो कुछ इलाकों में सेवाएं सीमित रह सकती हैं.
क्यों हो रही है हड़ताल?
श्रमिक संगठनों का मुख्य विरोध उन चार श्रम संहिताओं को लेकर है, जिन्हें 29 पुराने श्रम कानूनों की जगह लागू किया गया है.यूनियनों का आरोप है कि नई व्यवस्थाएं कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षा और अधिकारों को कमजोर करती हैं तथा कंपनियों के लिए नियुक्ति और छंटनी की प्रक्रिया आसान बनाती हैं. इसके अलावा निजीकरण की नीतियों, वेतन संबंधी मुद्दों और सामाजिक सुरक्षा के प्रावधानों को लेकर भी असंतोष जताया गया है. संगठनों की मांगों में श्रम संहिताओं को रद्द करना, बीज विधेयक के मसौदे और विद्युत संशोधन विधेयक को वापस लेना, साथ ही कुछ अन्य प्रस्तावित कानूनों को निरस्त करना शामिल है. ट्रेड यूनियनों ने मनरेगा को मजबूत करने और ग्रामीण रोजगार से जुड़े प्रस्तावित प्रावधानों की समीक्षा की भी मांग उठाई है.

