Categories: क्राइम

ऑनलाइन ठगी का डरावना सच: 51 दिन ‘डिजिटल अरेस्ट’, कोर्ट का नाटक और ₹2.75 करोड़ का चूना !

लखनऊ में एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ बैंककर्मी (Retired Senior Banker) को साइबर जालसाजों (Cyber Fraudsters) ने 51 दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' (Digital Arrest) में रखकर उनसे ₹2.75 करोड़ रुपये ठग लिए.

Published by DARSHNA DEEP

Cyber Fraud Disturbing Case: उत्तराखंड के विकासनगर से एक बार फिर से चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां साइबर जालसाजों के हौसले बुलंद होते हुए नज़र आ रहे हैं.  आखिर क्याा है साइबर ठगी का यह मामला हमारी इस पूरी खबर में पढ़िए. 

साइबर ठगी का विस्तृत मामला:

उत्तराखंड के विकासनगर निवासी सिद्धार्थ नाथ को साइबर जालसाजों ने 51 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर उनसे 2.75 करोड़ रुपये ठग लिए. इतना ही नहीं, साइबर ठगों ने उन्हें इतना मानसिक रूप से प्रताड़ित किया कि वह अपनी सारी जमा पूंजी लुटाने को पूरी तरह से तैयार हो गए. 

साइबर ठगों ने वारदात को कैसे दिया अंजाम:

यह घटना 30 जुलाई को घटित हुई, जहां पीड़ित को सबसे पहले एक अनजान व्हाट्सएप ऑडियो कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम कंपनी का कर्मी बताते हुए कहा कि उनके नाम से मुंबई में खरीदे गए सिम का इस्तेमाल गलत तरीके से लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है. पीड़ित के कई बार इनकार करने पर ठग ने कॉल एक फर्जी पुलिसकर्मी को ट्रांसफर कर दी. इसके बाद उसने सिद्धार्थ नाथ को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोषी बताते हुए डिजिटल कोर्ट में पेश होने की धमकी दे डाली. 

डिजिटल अरेस्ट मे नया मोड़:

कुछ देर बाद, पीड़ित को व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर कोर्ट का फर्जी सेट दिखाया गया और बताया गया कि उन्हें सात दिन की रिमांड पर भेजा गया है. जालसाजों ने जमानत का झांसा देकर उन्हें पूछताछ में सहयोग करने की अपील की. इतना ही नहीं, ठगों ने पूछताछ के नाम पर सिद्धार्थ नाथ को मानसिक रूप से परेशान करना शुरू कर दिया.  2 अगस्त से लेकर 19 सितंबर तक, ठगों ने धीरे-धीरे पीड़ित के म्यूचुअल फंड, एफडी, पेंशन और उनकी मृत पत्नी की जमा पूंजी मिलाकर कुल 2.75 करोड़ रुपये वसूल लिए. 

Related Post

पुलिस कार्रवाई और बचाव के तरीके:

इस घटना से पीड़ित की तबीयत और मानसिक स्थिति पूरी तरह से बिगड़ गई थी. शर्म की वजह से  वह तुरंत शिकायत भी नहीं कर पाया,  लेकिन घरवालों के समझाने पर उन्होंने 6 अक्टूबर को विकासनगर पुलिस में इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज कर साइबर क्राइम थाने में जांच के लिए ट्रांसफर कर दिया.

डिजिटल अरेस्ट से कैस बच सकते हैं आप?:

अनजान कॉल से रहें सावधान रहें:

अगर कोई अनजान व्यक्ति आपको पार्सल, कस्टम विभाग या फिर केस दर्ज होने की बात कहकर डराता है, तो बिना किसी देर के सतर्क हो जाएं.

आप कैसे कर सकते हैं शिकायत:

ऐसी कॉल साइबर ठगों की होती है, बिना अपना समय गवाए घटना के बारे में पुलिस को तुरंत सूचित करें. 

शिकायत के लिए कैसे करें संपर्क:

आप साइबर क्राइम थाने, साइबर सेल, लोकल पुलिस स्टेशन, टोल फ्री नंबर 1930 या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. 

DARSHNA DEEP
Published by DARSHNA DEEP

Recent Posts

सऊदी में मिले 1800 साल पुराने चीते के कंकाल, हड्डियां देख फटी रह गईं वैज्ञानिकों की आंखें

Cheetah Mummies: वैज्ञानिकों ने उत्तरी सऊदी अरब के अरार शहर के पास पुरानी गुफाओं से…

January 20, 2026

Aaj Ka Panchang: 20 जनवरी 2026, मंगलवार का पंचांग, यहां पढ़ें शुभ मुहूर्त और राहु काल का समय

Aaj Ka Panchang: आज 20 जनवरी 2026 है. इस दिन माघ माह के शुक्ल पक्ष…

January 20, 2026

पाक करेगा टी20 वर्ल्ड कप को बॉयकॉट! जानें इस बार क्या है PCB की भारत न आने की साजिश?

T20 World Cup 2026: कई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन…

January 19, 2026