Bihar Chunav 2025 से ठीक पहले पुष्पम प्रिया ने खाई कौन सी कसम, जानें एक बार फिर क्यों चर्चा में?

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले पुष्पम प्रिया चौधरी ने कसम खाई है. दरअसल, उन्होंने कसम खाई है कि मैं अपना मास्क तब उतारूंगी तब कोई पार्टी महिला को उम्मीदवार बनाएगी.

Published by Sohail Rahman

Pushpam Priya Chaudhary Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर पिछले विधानसभा चुनाव 2020 में एक पार्टी ने नीतिश कुमार और लालू प्रसाद यादव को खुलेआम चुनौती दी थी, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई. आप सोच रहे होंगे हम किस पार्टी की बात कर रहे हैं तो हम बात कर रहे हैं पुष्पम प्रिया की प्लुरल्स पार्टी की. लंदन से पढ़ाई के बाद बिहार की राजनीति में कदम रखने वाली पुष्पम प्रिया इस चुनाव में भी सुर्खियां बटोर रही हैं. जानकारी के अनुसार, पुष्पम प्रिया चौधरी की ‘द प्लुरल्स पार्टी’ 2025 के बिहार चुनाव में सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

कहां से चुनाव लड़ेंगी पुष्पम प्रिया? (From where will Pushpam Priya contest the elections?)

पुष्पम प्रिया खुद इस बार दरभंगा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं. इसको लेकर उनका बयान भी सामने आया है.जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगी और 122 सीटों पर महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारेगी. आगे उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वह अपना मास्क तभी उतारेंगी जब वह चुनाव जीत जाएंगी या कोई पार्टी किसी महिला को मुख्यमंत्री पद के लिए नामांकित करेगी. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य बिहार के विकास को बढ़ावा देना और युवाओं को रोजगार प्रदान करना है.

यह भी पढ़ें :- 

Bihar Chunav: हाथ में हथकड़ी! आंखों में आंसू… गाना गाते हुए तेज प्रताप की पार्टी से भरा पर्चा

कौन हैं पुष्पम प्रिया? (Who is Pushpam Priya?)

पुष्पम प्रिया चौधरी बिहार की ‘द प्लुरल्स पार्टी’ की संस्थापक हैं. वह जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व एमएलसी विनोद चौधरी की बेटी हैं, जो नीतीश कुमार के करीबी थे और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए थे. पुष्पम प्रिया पहले लंदन में रहती थीं. राजनीति में आने से पहले उन्होंने बिहार सरकार के पर्यटन और स्वास्थ्य विभागों में सलाहकार के रूप में काम किया. उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ ससेक्स से डेवलगमेंट स्टडीज में एमए और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में लोक प्रशासन में एमपीए किया है. मार्च 2020 में उन्होंने प्लुरल्स पार्टी की स्थापना की.

उन्होंने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में खुद को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया. उन्होंने बिस्फी (मधुबनी) और बांकीपुर (पटना) दो-दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों सीटों से चुनाव हार गईं. पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने 2030 तक बिहार को यूरोप जैसा विकसित राज्य बनाने का वादा किया था.

परिवार का जदयू से रहा है पुराना नाता (The family has a long association with JDU)

ब्रिटेन से लौटने के बाद उन्होंने बिहार की पारंपरिक राजनीति को चुनौती दी, जहां जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति हावी है. इसके अलावा, वो अक्सर काले कपड़े और मास्क में नजर आती हैं, जो उनकी पहचान बन गया है. फिर एक बार उनकी पार्टी 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में एक्टिव नजर आ रही है. हालांकि यह मुख्यधारा के गठबंधनों से अलग है.

कितनी संपत्ति की मालिक हैं पुष्पम प्रिया? (How much property does Pushpam Priya own?)

पुष्पम के चाचा बिनय कुमार चौधरी वर्तमान में जदयू से विधायक हैं. उन्होंने 2020 के विधानसभा चुनाव में बेनीपुर सीट से जीत हासिल की थी. अगर उनके पारिवारिक विरासत की बात करें तो उनके परिवार की राजनीतिक विरासत नीतिश कुमार की पार्टी जदयू से जुड़ी है, लेकिन इसके बावजूद पुष्पम ने स्वतंत्र रास्ता चुना. 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पुष्पम प्रिया ने अपने हलफनामे में अपनी संपत्ति का ब्यौरा दिया था. हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति ₹15 लाख है, जबकि उन पर लगभग ₹50 लाख का कर्ज है. 

यह भी पढ़ें :- 

Bihar Election: अपने ही पैर पर कुल्हारी मार रहे तेजस्वी, अहंकार में डूबकर ले रहे फैसले; महागठबंधन के एक और घटक दल को दिया धोखा

Sohail Rahman

Recent Posts

नोएडा एयरपोर्ट के लिए खुशखबरी, टेकऑफ के लिए तैयार फ्लाइट्स; कब से शुरु होगी उड़ान?

Noida Airport: उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जल्द ही विमान…

March 6, 2026

Salim Khan health update: जावेद अख्तर ने दी सलीम खान की हेल्थ अपडेट, बताई मौजूदा हालत

Salim Khan health update: मामूली ब्रेन हैम्ब्रेज के बाद अस्पताल में भर्ती सलीम खान की…

March 6, 2026

Remarriage trend: 36 गुणों की चिंता छोड़, परफेक्ट पार्टनर की तलाश, देश में 43% तक बढ़ा री-मैरिज का चलन

Remarriage trend: भारत में शादी को लेकर युवाओं की सोच तेजी से बदल रही है.…

March 6, 2026

Burning candles is dangerous: मोमबत्ती जलाना हुआ खतरनाक, रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा, बीमारी भी ऐसी कि जा सकती है जान

Burning candles is dangerous: नए शोध के अनुसार सुगंधित और पैराफिन मोम से बनी मोमबत्तियां…

March 6, 2026