Categories: जॉब

CEO दक्ष गुप्ता ने दिन में 12 घंटे काम करने का दिया सुझाव, पहले भी झेल चुके हैं आलोचना

Daksh Gupta News: ग्रेप्टाइल सीईओ दक्ष गुप्ता ने साझा किया अपना नया नियम 9-9-6। दक्ष पहले भी भारी आलोचना का शिकार हो चुके हैं।

Published by Sharim Ansari

CEO Daksh Gupta: पिछले साल चर्चा में आये भारतीय मूल के सीईओ (CEO) दक्ष गुप्ता (Daksh Gupta) एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए हैं। पिछली बार उन्होंने एम्प्लॉईज़ को दिन में 14 घंटे काम करने की बात का समर्थन किया था जिसके कारण उन्हें भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था। अब एक बार फिर वो चर्चा का विषय बन गए हैं अपने नए नियम 9-9-6 वर्क कलचर को लेकर। कौन हैं दक्ष गुप्ता और क्या है उनका वर्क कलचर? आइए जानते हैं विस्तार से।

दक्ष गुप्ता का परिचय (Who is Daksh Gupta?)

23 वर्ष के दक्ष गुप्ता भारतीय मूल के, अमेरिका स्थित एआई स्टार्टअप ग्रेप्टाइल (Greptile) के को-फाउंडर और सीईओ हैं जो मौजूदा समय में सैन फ्रांसिस्को में रहते हैं। 2019 में उन्होंने प्रतिष्ठित जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर साइंस में बैचलर डिग्री प्राप्त की। बाद में उन्होंने क्वालकॉम और अमेज़न वेब सर्विसेज में इंटर्नशिप की। जुलाई 2023 से, दक्ष गुप्ता अपने AI स्टार्टअप ग्रेप्टाइलपर काम कर रहे हैं।

वह वर्क-लाइफ बैलेंस में विश्वास नहीं करते और इसको ज़्यादा तवज्जो नहीं देते हैं। दक्ष ने पिछले साल सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स से बात साझा की थी कि वो इंटरव्यू में उम्मीदवारों को बता देते हैं कि ग्रेप्टाइल कोई वर्क-लाइफ बैलेंस को बढ़ावा नहीं देता है और सामान्य कार्यदिवस सुबह 9 बजे शुरू होता है और रात 11 बजे समाप्त होता है, अक्सर वो शनिवार और कभी-कभी रविवार को भी काम करते हैं।

9-9-6 नियम का मतलब (What is 9-9-6 Rule?)

सैन फ्रांसिस्को स्टैंडर्ड से बात करते हुए, दक्ष गुप्ता कहते हैं, “वर्तमान माहौल ऐसा है कि शराब न पीएं, नशीले पदार्थ न लें, 9-9-6 नियम के साथ काम करें, भारी वजन उठाएं, लंबा दौड़ें, जल्दी शादी करें, अपनी नींद का ध्यान रखें, स्टेक और अंडे खाएं।”

आपको बता दें कि 9-9-6 का मतलब है कि कर्मचारी को सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक काम करना चाहिए। साथ ही, काम करने का यह तरीका हफ़्ते में 6 दिन होना चाहिए। मतलब हफ़्ते में एक छुट्टी के साथ 12 घंटे की शिफ्ट में काम करना 9-9-6 कार्य नियम कहलाता है।

जानिए महिलाएं Cloud Kitchen के जरिए कैसे कर सकती हैं कमाई?

पहले भी सुर्ख़ियों रह चुके हैं

पिछले साल जब उन्होंने कहा था कि वह रोज़ाना 14 घंटे काम करते हैं, तो लोगों ने उनका विरोध किया था। अब दक्ष ने कहा है कि सिलिकॉन वैली के ज़्यादातर टेक्निकल स्पेशलिस्ट हफ़्ते में 6 दिन और रोज़ाना 12 घंटे ही काम करते हैं।

दक्ष की कंपनी में इतनी है बेस सैलरी (Base Salary in Daksh’s Company)

बीते दिनों, दक्ष ने एक जॉब पोस्टिंग में अपने स्टार्टअप के लिए नई नौकरियों की घोषणा की। उनके अनुसार, एम्प्लॉईज़ को प्रतिदिन 12 से 14 घंटे काम करना होगा। ग्रेप्टाइल में एक जूनियर एम्प्लॉई का वार्षिक मूल वेतन लगभग $140,000 से $180,000 तक हो सकता है।

इसके साथ ही, उन्हें इक्विटी में भी सालाना लगभग $130,000 से $180,000 मिल सकते हैं। वहीं, 7 साल से ज़्यादा का अनुभव रखने वाले कर्मचारियों को लगभग $240,000 से $270,000 तक का वार्षिक मूल वेतन मिल सकता है।

गुप्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रैप्टाइल के कर्मचारियों से सैन फ्रांसिस्को स्थित कंपनी ऑफिस से काम करने की अपेक्षा की जाती है। रिमोट वर्क  स्वीकार्य नहीं है।

SBI PO Prelims Results 2025: एसबीआई पीओ प्रीलिम्स रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक, ये रहा Link

Sharim Ansari
Published by Sharim Ansari

Recent Posts

सभी व्यापार समझौतों की जननी – भारत-ईयू के लिए एक विशाल छलांग

नई दिल्ली, जनवरी 30: भारत और ईयू मिलकर 2 अरब लोगों, वैश्विक जीडीपी का 25% और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा हैं। दोनों देशों के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक विशाल कदम है। जबकि व्यापार चर्चा लगभग दो दशकों से हो रही थी, 2022 से अधिक गहन चर्चा शुरू हुई और 27 जनवरी 2026 को संपन्न हुई। भू-राजनीतिक और रणनीतिक प्रभाव डॉ. विकास गुप्ता, सीईओ और मुख्य निवेश रणनीतिकार, ओमनीसाइंस कैपिटल के अनुसार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को देखते हुए, भारत-ईयू एफटीए प्रतीकात्मक है क्योंकि भारत अमेरिका को निर्यात की जाने वाली अधिकांश वस्तुओं के लिए अन्य बाजार खोजने में सक्षम है। इसे चीन पर निर्भरता कम करने के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पुनर्गठन पहलों के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। यह समझौता अमेरिका को पीछे धकेलेगा और दिखाता है कि भारत कृषि और डेयरी तक पहुंच पर समझौता नहीं करेगा क्योंकि बड़ी किसान आबादी इन क्षेत्रों पर निर्भर है। सकारात्मक रूप से लिया जाए तो यह दर्शाता है कि भारत उच्च-स्तरीय उत्पादों, जैसे वाइन, या विशिष्ट कृषि उत्पादों, जैसे कीवी आदि तक पहुंच देने के लिए तैयार है। यह एक टेम्पलेट हो सकता है जिसके साथ भारत-अमेरिका व्यापार समझौता हो सकता है। समझौते की मुख्य विशेषताएं ईयू के दृष्टिकोण के अनुसार, ईयू द्वारा निर्यात की जाने वाली 96% वस्तुओं पर कम या शून्य टैरिफ होगा, जबकि भारतीय दृष्टिकोण यह है कि 99% भारतीय निर्यात को विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच मिलेगी। लाभान्वित होने वाले प्रमुख क्षेत्र फुटवियर, चमड़ा, समुद्री उत्पाद और रत्न-आभूषण एफटीए से कई भारतीय क्षेत्रों को लाभ होने की संभावना है। ईयू लगभग 100 अरब डॉलर मूल्य के फुटवियर और चमड़े के सामान का आयात करता है। वर्तमान में, भारत इस श्रेणी में ईयू को लगभग 2.4 अरब डॉलर का निर्यात करता है। समझौता लागू होने के तुरंत बाद टैरिफ को 17% तक उच्च से घटाकर शून्य कर दिया जाएगा। इससे समय के साथ भारतीय कंपनियों को बड़ा बाजार हिस्सा हासिल करने में सहायता मिलनी चाहिए। एक अन्य क्षेत्र समुद्री उत्पाद है (26% तक टैरिफ कम किए जाएंगे) जो 53 अरब डॉलर का बाजार खोलता है जिसका वर्तमान निर्यात मूल्य केवल 1 अरब डॉलर है। रत्न और आभूषण क्षेत्र जो वर्तमान में ईयू को 2.7 अरब डॉलर का निर्यात करता है, ईयू में 79 अरब डॉलर के आयात बाजार को लक्षित कर सकेगा। परिधान, वस्त्र, प्लास्टिक, रसायन और अन्य विनिर्माण क्षेत्र परिधान और वस्त्र एक ऐसा क्षेत्र है जहां भारत को शून्य टैरिफ और 263 अरब डॉलर के ईयू आयात बाजार तक पहुंच मिल सकती है। वर्तमान में, भारत ईयू को 7 अरब डॉलर का निर्यात करता है। यह इस क्षेत्र में भारतीय निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़ावा हो सकता है। प्लास्टिक और रबर एक अन्य ईयू आयात बाजार है जिसकी कीमत 317 अरब डॉलर है जिसमें भारत की वर्तमान हिस्सेदारी केवल 2.4 अरब डॉलर है। रसायन एक अन्य क्षेत्र है जो 500 अरब डॉलर के ईयू आयात बाजार के लायक है जहां भारत को विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच मिलती है।…

January 30, 2026

एसएससी एमटीएस हवलदार सिटी इंटिमेशन स्लिप 2025 जारी, यहां जानें परीक्षा की तारीख और डाउनलोड करने का तरीका

SSC MTS exam date 2026: भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कार्यालयों में कुल…

January 30, 2026

UPSC IPS Story: कौन है IPS आकाश कुलहरि, जिन्होंने पहली बार में क्रैक किया UPSC, जानें उनकी कहानी

UPSC IPS Story: IPS आकाश कुलहरि की कहानी दिखाती है कि कमजोर शुरुआत भी सफलता…

January 30, 2026