YEIDA Plot Scheme 2026 : देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर के शहरों में आशियाने का सपना हर किसी का होता है. एनसीआर के शहरों के मॉल, अस्पताल, स्कूल, शिक्षण संस्थान और तीन-तीन एयरपोर्ट (जेवर, हिंडन और दिल्ली एयरपोर्ट) आखिर कहां नसीब होते हैं. अगर आप भी दिल्ली से बेहद करीब और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) के पास अपना आशियाना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है. यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Yamuna Expressway Industrial Development Authority) जल्द ही 973 आवासीय प्लॉटों की योजना लाने की तैयारी में है.
यूपी रेरा से मिली मंजूरी!
YEIDA (Yamuna Expressway Industrial Development Authority) की 973 आवासीय प्लॉटों की स्कीम को उत्तर प्रदेश भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority) से मंजूरी मिल गई है. बताया जा रहा है कि YEIDA ने ReRa की शर्तों पर हामी भर दी है. ताजा डेवलपमेंट यह है कि पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होते ही अगले कुछ दिनों ही YEIDA नोएडा एयरपोर्ट के पास यह आवासीय प्लॉट की योजना लॉन्च कर दी जाएगी. YEIDA के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया की मानें तो सभी आपत्तियां दूर कर दी गई हैं. इसके साथ ही 973 आवासीय प्लॉटों की स्कीम की पंजीकरण की प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी. इसके बाद इसे आवासीय स्कीम को लॉन्च कर दिया जाएगा.
किस सेक्टर में लॉन्च होगी आवासीय स्कीम?
YEIDA अपनी 973 आवासीय प्लॉटों की स्कीम को पहली बार सेक्टर-15 सी में लॉन्च करेगा. इस योजना के कुछ प्लॉट सेक्टर-18 और 24ए में भी लॉन्च किए जाएंगे. बताया जा रहा है कि इस आवासीय योजना में कुल 973 प्लॉट होंगे. इनमें से 755 प्लॉट सामान्य श्रेणी के हैं, जबकि बाकी किसानों और अन्य वर्गों के लिए आरक्षित होंगे. फिलहाल प्लॉटों का आकार 162 वर्गमीटर से 290 वर्गमीटर तक का होगा. YEIDA के सूत्रों के मुताबिक, इस आवासीय योजना में 200 वर्गमीटर श्रेणी के 481 और 162 वर्गमीटर श्रेणी के 476 प्लॉट शामिल किए जाएंगे. पिछले कुछ सालों के दौरान इस बार भी 162 वर्गमीटर प्लॉटों की सर्वाधिक मांग होने वाली है.
शर्तें भी जान लीजिए
शर्त-1. आवासीय योजना में आवेदन के समय प्लॉट की कुल कीमत का 10 प्रतिशत पंजीकरण शुल्क के तौर पर देना होगा.
शर्त-2. आवंटन होने के बाद बची 90 प्रतिशत राशि 60 दिनों के अंदर जमा करनी होगी.
शर्त-3. अंतिम चरण में एग्रीमेंट टू लीज लागू होने से आवंटियों को एकमुश्त भुगतान के साथ स्टांप शुल्क भी देना अनिवार्य है.

