Rishi Gupta Arrested: फिनो पेमेंट्स बैंक के पूर्व MD और CEO ऋषि गुप्ता को गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स से जुड़े कानून का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तारी के बाद हुई एक स्पेशल बोर्ड मीटिंग में, बैंक के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर केतन मर्चेंट को ऑर्गनाइज़ेशन का हेड बनाया गया. फिनो पेमेंट्स बैंक ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा कि गुप्ता को “CGST और SGST एक्ट, 2017 के सेक्शन 132(1)(a) और 132(1)(i) के प्रोविज़न के तहत” गिरफ्तार किया गया. इसमें आगे कहा गया, “बैंक सभी ज़रूरी जानकारी देने के लिए अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहा है. फिलहाल, बैंक पर कोई असर नहीं पड़ा है… इस बारे में कोई और ज़रूरी डेवलपमेंट सही समय पर बताया जाएगा.” बैंक ने साफ़ किया कि इस मामले में बैंक का कोई और अधिकारी शामिल नहीं था. जांच बैंक के बिज़नेस पार्टनर तक ही सीमित थी.
ऋषि गुप्ता कौन हैं?
उनके लिंक्डइन प्रोफ़ाइल के अनुसार, गुप्ता ने दिल्ली के सेंट ज़ेवियर स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स (SRCC) से B.Com किया. बाद में उन्होंने इंस्टिट्यूट ऑफ़ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया और इंस्टिट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया से डिग्री ली. उन्होंने 1994 में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड में एक बजट ऑफिसर के तौर पर अपना करियर शुरू किया. फिर उन्होंने IFC (इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन) और ICICI जैसी दूसरी कंपनियों में अलग-अलग रोल निभाए.
कैसे बनाया करियर
उनके लिंक्डइन से पता चलता है कि उन्होंने फिनो पेमेंट्स बैंक लिमिटेड में “फाउंडिंग टीम के हिस्से के तौर पर शुरुआत की, जो फाइनेंस और कॉर्पोरेट फंक्शन्स के लिए ज़िम्मेदार थे, जिसमें स्ट्रेटेजिक अलायंस भी शामिल थे. इसके अलावा सेल्स और बिज़नेस डेवलपमेंट का भी काम देखते थे.” उनकी प्रोफ़ाइल अभी भी फिनो पेमेंट्स बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर मौजूद है. इसमें लिखा है, “उनके विज़न ने फिनो को एक नए फिनटेक से पेमेंट्स बैंक स्पेस में टॉप पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने 2017 में लॉन्च होने के तीन साल के अंदर बैंक को प्रॉफिटेबल बनाया और नवंबर 2021 में फिनो को इंडियन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने वाला पहला पेमेंट्स बैंक बनाने में अहम भूमिका निभाई.”

