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2026 में घर खरीदने की सोच रहे हैं? होम लोन लेने से पहले इन 5 बातों को जान लें, नहीं तो बाद में होगा पछतावा!

अगर आप 2026 में होम लोन लेकर घर खरीदने का प्लान बना रहे हैं,तो जल्दबाजी न करें. क्रेडिट स्कोर से लेकर EMI स्ट्रैटेजी तक, होम लोन से जुड़ी इन 6 ज़रूरी बातों को पहले समझ लें ताकि आपका फाइनेंशियल भविष्य सुरक्षित रहे और घर खरीदने का आपका फैसला कोई गलती साबित न हो.

By: Anshika thakur | Published: January 10, 2026 8:07:24 AM IST



Home Loan 2026: जैसे ही नया साल शुरू होता है बहुत से लोग अपने सपनों का घर खरीदने की प्लानिंग शुरू कर देते हैं. लेकिन होम लोन लेना सिर्फ़ EMI चुकाने का फ़ैसला करना नहीं है यह एक लंबा फाइनेंशियल कमिटमेंट है. अगर आप शुरू से ठीक से तैयारी नहीं करते हैं, तो बाद में आपका बजट बिगड़ सकता है. इसलिए, 2026 में होम लोन लेने से पहले यह पक्का करने के लिए कि आपका फ़ैसला समझदारी भरा और फ़ायदेमंद हो, इन छह ज़रूरी बातों को ज़रूर समझ लें.

 1. आपका क्रेडिट स्कोर कितना मजबूत है?

होम लोन की दुनिया में, आपका क्रेडिट स्कोर आपकी पहली छाप होती है. CIBIL, Equifax, Experian और CRIF जैसी एजेंसियां आपके पैन नंबर का इस्तेमाल करके आपकी पूरी क्रेडिट हिस्ट्री को ट्रैक करती हैं.

ज़्यादातर बैंक 750 या उससे ज़्यादा CIBIL स्कोर वाले लोगों को आसानी से लोन दे देते हैं. हालांकि, कम स्कोर का मतलब यह नहीं है कि आपको लोन नहीं मिलेगा लेकिन इंटरेस्ट रेट ज़्यादा होगा और नियम और शर्तें भी ज़्यादा सख्त होंगी. इसलिए, अपना घर खरीदने से पहले अपने क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाने पर काम शुरू करना अच्छा रहेगा.

2. आप कितना बड़ा घर खरीद सकते हैं?

इससे पहले कि आप यह सोचना शुरू करें कि आपको किस तरह का घर चाहिए, यह समझना ज़रूरी है कि आप असल में कितना खर्च कर सकते हैं. बैंक आमतौर पर प्रॉपर्टी की कीमत का सिर्फ़ 80-85% तक ही लोन देते हैं.

ध्यान रखें कि आपकी होम लोन EMI आपकी नेट टेक-होम सैलरी के 40% से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। साथ ही, यह भी सोचें कि अगर भविष्य में इंटरेस्ट रेट बढ़ते हैं तो क्या आप बढ़ी हुई EMI मैनेज कर पाएंगे.

3. डाउन पेमेंट के लिए आपके पास कितने पैसे तैयार हैं?

होम लोन के लिए, आपको आमतौर पर प्रॉपर्टी की कीमत का कम से कम 15-20% खुद देना होता है. 20% का टारगेट रखना सबसे अच्छा है.

उदाहरण के लिए, अगर घर की कीमत ₹80 लाख है तो आपको लगभग ₹16 लाख खुद से इंतज़ाम करने होंगे. यह रकम आपकी बचत, विरासत, या प्रोविडेंट फंड (PF) से निकाले गए फंड से आ सकती है. डाउन पेमेंट के लिए पर्सनल लोन लेना एक महंगा ऑप्शन हो सकता है, इसलिए इससे बचना ही बेहतर है.

4. सबसे पहले ज़्यादा इंटरेस्ट वाले कर्ज़ चुकाएं

क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन जैसे महंगे कर्ज़ पर 18% से 40% तक का इंटरेस्ट रेट होता है. होम लोन के लिए अप्लाई करने से पहले इन कर्ज़ों को चुकाना बहुत ज़रूरी है. जब बैंक देखते हैं कि आपने अपने ज़्यादा इंटरेस्ट वाले लोन चुका दिए हैं, तो आपकी लोन एलिजिबिलिटी बढ़ जाती है और आपको बेहतर शर्तों पर होम लोन मिलने की संभावना ज़्यादा होती है.

5. सिर्फ़ एक बैंक पर निर्भर न रहें

आपका मौजूदा बैंक भरोसेमंद हो सकता है, लेकिन बाज़ार में दूसरे बैंकों और NBFCs के ऑफ़र की तुलना ज़रूर करें. सिर्फ़ इंटरेस्ट रेट से आगे देखें प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट चार्ज, लोन की अवधि और फ्लेक्सिबिलिटी पर भी विचार करें. इससे आपको बेहतर डील पाने में मदद मिलेगी.

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