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दिवाली ने खोल दी दुकानदारों की किस्मत! देशभर में हुई रिकॉर्ड तोड़ बिक्री; यहां देखें रिपोर्ट

Festival Season Sale: विस्तृत दिवाली उत्सव बिक्री 2025 पर एक शोध रिपोर्ट ने बताया है कि इस दिवाली देश में कारोबार कितना बढ़ा और कितनी बिक्री हुई.

Published by Heena Khan

Diwali Sale Record: दिवाली एक ऐसा त्योहार है जिसे पूरा देश काफी अच्छे से और खुशी से मनाता है. वहीं इस खुशियों के त्योहार पर लोग अपने लिए अपने घर के लिए खरीदारी बड़ी मात्रा पर करते हैं. वहीं अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (कैट) ने अपनी शोध शाखा, कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा देश भर के 60 प्रमुख वितरण केंद्रों, जिनमें सभी राज्यों की राजधानियां और टियर-2 व टियर-3 शहर शामिल हैं, उनमे किए गए सर्वेक्षण के आधार पर “विस्तृत दिवाली उत्सव बिक्री 2025” पर एक शोध रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इस दिवाली देश में कारोबार कितना बढ़ा और कितनी बिक्री हुई. रिपोर्ट की माने तो, इस साल देश भर में कुल दिवाली बिक्री 6.05 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. इसमें 5.40 लाख करोड़ रुपये का वस्तु व्यापार और 65 हज़ार करोड़ रुपये का सेवा व्यापार शामिल है. रिपोर्ट की माने तो यह देश के व्यापार इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा त्योहारी कारोबार है.

व्यापारियों को मिला बड़ा लाभ

आपकी जानकारी के लिए बता दें दिल्ली का सबसे मशहूर बाजार चांदनी चौक से सांसद और CAIT के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि रिपोर्ट दर्शाती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीएसटी दरों में राहत और स्वदेशी अपनाने के लिए एक ‘मजबूत ब्रांड एंबेसडर’ के रूप में उभरे हैं, जिससे व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को अभूतपूर्व प्रेरणा मिली है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘स्वदेशी दिवाली’ के आह्वान ने जनता को गहराई से प्रभावित किया. इतना ही नहीं 87% उपभोक्ताओं ने विदेशी वस्तुओं की तुलना में भारतीय वस्तुओं को प्राथमिकता दी, जिससे चीनी उत्पादों की मांग में भारी गिरावट आई. इस दौरान व्यापारियों ने बताया कि पिछले साल की तुलना में भारतीय निर्मित वस्तुओं की बिक्री में अच्छा खासा इजाफा हुआ है. रिपोर्ट की माने तो लगभग 25% की वृद्धि हुई है.

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किन-किन चीजों में बढ़ा व्यापार

खंडेलवाल की माने तो दिवाली 2025 के आंकड़े पिछले साल (4.25 लाख करोड़) की तुलना में 25% की वृद्धि दर्शाते हैं. इतना ही नहीं गैर-कॉर्पोरेट और पारंपरिक बाजारों ने मुख्य रूप से कुल व्यापार में 85% का योगदान दिया, जो भारतीय खुदरा बाजारों और छोटे व्यापारियों की प्रभावशाली वापसी को दर्शाता है. वहीं इसे लेकर CAIT के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया ने कहा कि दिवाली की बिक्री में किराना और FMCG 12%, सोना और चांदी 10%, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल्स 8%, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं 7%, रेडीमेड वस्त्र 7%, उपहार वस्तुएं 7%, घर की सजावट 5%, साज-सज्जा और फर्नीचर 5%, मिठाई और नमकीन 5%, कपड़े 4%, पूजा सामग्री 3%, फल और सूखे मेवे 3%, बेकरी और कन्फेक्शनरी 3%, जूते 2% और अन्य विविध वस्तुएँ 19% शामिल हैं.

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