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9KT Gold for Wedding: अब शादी में गोल्ड खरीदना होगा आसान, मार्केट में आया 9 कैरेट का सोना, जानें हॉलमार्क और इसकी असली पहचान

Wedding Jewellery Shopping Planning: सोने की कीमतों ने शादी की खरीदारी मुश्किल कर दी है… लेकिन हल्का, किफायती गोल्ड बन सकता है दुल्हन की नई पसंद. आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ-

Published by sanskritij jaipuria

9KT Gold for Wedding Jewellery: शादी का सीजन आते ही घरों में तैयारियों की रौनक बढ़ जाती है. कपड़ों से लेकर गहनों तक, हर चीज को लेकर प्लानिंग शुरू हो जाती है. भारतीय शादियों में ज्वेलरी सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि परंपरा, भावनाओं और सामाजिक मान्यता से जुड़ी होती है. खासकर दुल्हन के गहने परिवार के लिए बेहद अहम होते हैं.

लेकिन बीते कुछ समय से सोने की कीमतों में आई तेज उछाल ने शादी के बजट को हिला कर रख दिया है. ऐसे में लोग अब भारी-भरकम गहनों के बजाय समझदारी भरे ऑप्शन तलाश रहे हैं. यही वजह है कि हल्के वजन और कम कैरेट वाली ज्वेलरी की ओर ग्राहकों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है.

क्यों बढ़ रही है लाइटवेट ज्वेलरी की मांग?

सोना हमेशा से सेफ इंवेस्टमेंट माना जाता रहा है. कीमतें बढ़ने के साथ इसकी वैल्यू भी बढ़ती है, इसलिए लोग इसे गहने और निवेश – दोनों नजरिए से खरीदते हैं. लेकिन आज के समय में 22 या 24 कैरेट के भारी गहने हर किसी के बजट में फिट नहीं बैठते.

ज्वेलरी कारोबार से जुड़े सागर के व्यापारी बताते हैं कि अब कस्टमर हल्के वजन की डिजाइन को प्राथमिकता दे रहे हैं. ये गहने देखने में आकर्षक होते हैं, पहनने में आरामदायक होते हैं और कीमत भी अपेक्षाकृत कम होती है. यही कारण है कि लाइटवेट ज्वेलरी अब शादी की खरीदारी का अहम हिस्सा बनती जा रही है.

कम वजन में भी मिल रहे हैं शानदार डिजाइन

आज की आधुनिक तकनीक और डिजाइनिंग के चलते कम ग्राम में भी खूबसूरत गहने तैयार किए जा रहे हैं. जहां पहले एक भारी चेन 10–15 ग्राम में बनती थी, वहीं अब वही डिजाइन 3–4 ग्राम में भी उपलब्ध है. मार्केट में अब 1 ग्राम में ईयररिंग,5 ग्राम में झुमके,7–8 ग्राम में नेकलेस, हल्के हार और चूड़ियां जैसे कई ऑप्शन मौजूद हैं. ग्राहक अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से डिजाइन कस्टमाइज भी करवा रहे हैं.

24 कैरेट सोने से गहने क्यों नहीं बनते?

अक्सर लोगों को लगता है कि 24 कैरेट गोल्ड सबसे बेहतर होता है, तो फिर गहने उसी से क्यों नहीं बनाए जाते? दरअसल, 24 कैरेट सोना बेहद शुद्ध होने के कारण बहुत नरम होता है. इसी वजह से उससे टिकाऊ ज्वेलरी बनाना संभव नहीं होता.

यही कारण है कि गहनों के लिए आमतौर पर 22, 18 या अब 9 कैरेट गोल्ड का इस्तेमाल किया जाता है. इनमें धातुओं का मिश्रण होने से गहने मजबूत बनते हैं और लंबे समय तक टिकते हैं.

9 कैरेट गोल्ड की बढ़ती लोकप्रियता

सोने की ऊंची कीमतों को देखते हुए सरकार ने 9 कैरेट गोल्ड को कानूनी मान्यता दी है और इसकी हॉलमार्किंग भी शुरू कर दी गई है. यानी 9 कैरेट गोल्ड पूरी तरह असली सोना है और सरकारी नियमों के तहत मान्य है.

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शादी के गहने रोज पहनने के लिए नहीं होते, बल्कि खास मौकों और पारिवारिक आयोजनों के लिए होते हैं. ऐसे में 9 कैरेट गोल्ड एक बेहतर ऑप्शन बनकर उभरा है. ये देखने में 22 कैरेट जैसा ही लगता है, लेकिन ज्यादा मजबूत होता है और कीमत में किफायती भी. सबसे बड़ी बात ये है कि इसे खरीदने के लिए लोगों को कर्ज या अतिरिक्त आर्थिक दबाव नहीं झेलना पड़ता.

9 कैरेट गोल्ड में हॉलमार्क क्यों जरूरी है?

9 कैरेट सोने की हॉलमार्किंग ये बताती है कि गहने में 37.5% शुद्ध सोना मौजूद है. ये सिस्टम ग्राहकों को धोखाधड़ी और नकली सोने से बचाने के लिए बनाया गया है.

अगर किसी गहने पर हॉलमार्क मौजूद है, तो ये उसकी शुद्धता और प्रमाणिकता का सबसे बड़ा सबूत होता है. इससे ग्राहक को यह भरोसा मिलता है कि वह जिस चीज के पैसे दे रहा है, वह सही है.

BIS हॉलमार्क पहचानने के आसान तरीके

सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क की जांच करना बेहद जरूरी है. इसके बिना गहना खरीदना जोखिम भरा हो सकता है. हॉलमार्क में ये बातें जरूर देखें:

 BIS का लोगो – सरकारी मान्यता का संकेत
 375 अंक – 9 कैरेट यानी 37.5% शुद्धता दिखाता है
 HUID नंबर – हर गहने का यूनिक पहचान कोड
 असेइंग सेंटर ID – जहां गहने की जांच और प्रमाणन हुआ है

यदि इनमें से कोई भी जानकारी गायब है, तो गहना खरीदने से पहले सवाल जरूर पूछें.

सवाल पूछने में झिझकें नहीं

जून 2021 से बिना हॉलमार्क सोना बेचना कानूनन अपराध है. चाहे आप अंगूठी खरीद रहे हों या चेन, अगर वो 9 कैरेट गोल्ड की है तो उसका सर्टिफाइड होना जरूरी है. अगर ज्वेलर पूरी जानकारी देने से बचता है या सर्टिफिकेट नहीं दिखाता, तो सावधान हो जाएं. ग्राहक के तौर पर सवाल पूछना आपका अधिकार है, इसमें शर्म की कोई बात नहीं.

डिस्क्लेमर- ये लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है. सोने की कीमतें, मेकिंग चार्ज और टैक्स समय व शहर के अनुसार बदल सकते हैं. 9 कैरेट गोल्ड की उपलब्धता और हॉलमार्किंग संबंधित ज्वेलर पर निर्भर करती है. खरीदारी से पहले मौजूदा रेट, कैरेट और हॉलमार्क की पुष्टि अवश्य करें.

sanskritij jaipuria
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