Home > बिहार > बिहार में गूंजी विदेशी बारात! चेक गणराज्य के दूल्हे ने देसी दुल्हन संग लिए सात फेरे, गांव में जश्न का माहौल

बिहार में गूंजी विदेशी बारात! चेक गणराज्य के दूल्हे ने देसी दुल्हन संग लिए सात फेरे, गांव में जश्न का माहौल

Bihar News: पटना में हुई एक शादी इन दिनों चर्चा का विषय बन गई है. मिशेल ने अपने पार्टनर बैलिस्टिक के साथ अपने पुश्तैनी गांव में पूरे हिंदू रिवाजों के साथ सात फेरे लिए. साल 2022 में यूरोप में शादी करने के बाद कपल सनातनी रीति-रिवाजों को पूरा करने के लिए बिहार आया था.

By: Preeti Rajput | Published: February 20, 2026 8:33:18 AM IST



Bihar News: बिहार के पटना जिले के अथमलगोला प्रखंड स्थित रूपस गांव की एक शादी इन दिनों चर्चा में बनी हुई है. यहां चेक गणराज्य (Czech Republic) से आई  ‘मिशेल’ ने अपने विदेशी जीवनसाथी ‘बैलेस्टिक’ के साथ  पूरे हिंदू रिवाजों के साथ अपने पुश्तैनी गांव में सात फेरे लिए.  साल 2022 में यूरोप में शादी करने के बाद कपल सनातनी रीति-रिवाजों को पूरा करने के लिए भारत आया है. हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कपल ने फिर से शादी रचाई है. हाथों में मेहंदी, पैरों में महावर और सिर पर लाल जोड़ा सजाकर पूरी दुल्हन के तरह तैयार हो होकर मंडप में बैठीं और सात फेरे लिए. 

2022 में हुई शादी 

मिशेल इसी रूपस गांव की रहने वाली हैं. उनके पिता सालों पहले  चेक गणराज्य में बस गया था. जहां मिशेल का जन्म और पालन पोषण हुआ. साल 2022 में मिशेल और बैलेस्टिक की शादी यूरोपीय परंपरा के अनुसार, चेक गणराज्य में ही हुई थी. लेकिन जड़ों और सनातनी परंपराओं के प्रति प्रेम उन्हे एक बार फिर से भारत खींच लाया.  मिशेल की इच्छा थी कि वह अपने पैतृक गांव में अपने परिजनों और ग्रामीणों के बीच हिंदू धर्म के मुताबिक, वैदिक रीति से विवाह करें. 

EPS‑95 minimum pension: प्राइवेट कर्मचारियों के लिए खुशखबरी? इतने रुपये तक बढ़ सकती है EPS‑95 पेंशन

विदेशी दूल्हे पर विदेशी रंग 

शादी का माहौल एकदम भव्य था. विदेशी दूल्हा  बैलेस्टिक पूरी तरह भारतीय रंग-ढंग  में रंगा हुआ नजर आया. उसने न केवल हिंदू रस्मों को पूरे भाव के साथ निभाया. बल्कि अग्नि के सामने सात फेरे लेकर साथ जन्मों का साथ निभाने का वचन भी दिया. वैदिक मंत्रों के उच्चारण शंख ध्वनि और शहनाई की धुन ने पूरे वातावरण को उत्सवपूर्ण बनाया है.  दूल्हा-दुल्हन की जोड़ी को देखने के लिए आसपास के गावों से भी भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. रूपस गांव के लोगों के लिए यह पहला मौका था जब उन्होंने किसी विदेशी दूल्हे को अपने गांव में इस तरह भारतीय परंपरा को निभाया है.  

Railways Superfast tag removed: गर्मी की छुट्टियों में रेलवे का तोहफा, इन 10 ट्रेनों से हटे सुपरफास्ट टैग, टिकट होंगे सस्ते

Tags:
Advertisement