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Bareilly DM order: जनता दर्शन में ढिलाई नहीं चलेगी, अधिकारियों पर कसा शिकंजा, 48 घंटे में शिकायतों का निस्तारण अनिवार्य

Bareilly DM order: बरेली में जनता दर्शन की शिकायतों का 48 घंटे में निस्तारण अनिवार्य किया गया, डीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी, सुबह 10 से 12 बजे तक शिकायत सुनवाई अनिवार्य, शासन स्तर से निगरानी होगी.

By: Ranjana Sharma | Published: April 20, 2026 5:56:37 PM IST



Bareilly DM order: बरेली में आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब जनता दर्शन में आने वाली सभी शिकायतों का निस्तारण 48 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाएगा. आदेश का पालन न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.

48 घंटे में निस्तारण का सख्त आदेश

जिलाधिकारी ने कहा है कि जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों को अब लंबित नहीं रखा जाएगा. हर शिकायत का 48 घंटे के भीतर समाधान सुनिश्चित करना होगा. यदि तय समय सीमा में निस्तारण नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारी को इसका स्पष्ट कारण बताना पड़ेगा. डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतों का निपटारा केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं होना चाहिए. समस्याओं का स्थायी और गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जाए, ताकि फरियादियों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें.

लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

निर्देशों में कहा गया है कि यदि किसी अधिकारी द्वारा लापरवाही या ढिलाई बरती जाती है, तो उसके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी. जवाबदेही तय करते हुए ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे. प्रशासन के निर्देशानुसार सभी अधिकारियों को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर जनता की शिकायतें सुननी होंगी. इस दौरान मौके पर ही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है.

बार-बार आने वाली शिकायतों पर सख्त रुख

यदि कोई शिकायत बार-बार सामने आती है, तो इसे संबंधित अधिकारी की गंभीर लापरवाही माना जाएगा. ऐसे मामलों में शासन स्तर पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी. जिलाधिकारी ने बताया कि जनता दर्शन की पूरी प्रक्रिया की निगरानी अब सीधे शासन स्तर से की जाएगी. इससे अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी और शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता आएगी. हाल की बैठकों में यह सामने आया था कि तहसील और ब्लॉक स्तर पर लापरवाही के कारण लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे थे. इसी समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है.
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