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Social Media Rules: एक पोस्ट और नौकरी खतरे में! बिहार सरकार के कर्मचारियों के लिए नया फरमान, कसी लगाम

Social Media Rules Bihar: बिहार सरकार ने ‘बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 2026’ लागू कर सोशल मीडिया पर सरकारी कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर सख्त नियम तय कर दिए हैं. अब बिना अनुमति के फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम या यूट्यूब पर सरकार की नीतियों, योजनाओं या कोर्ट के फैसलों पर निजी राय देना कदाचार माना जाएगा.

By: Ranjana Sharma | Published: April 12, 2026 10:15:12 PM IST



Social Media Rules Bihar: डिजिटल दौर में जहां सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है, वहीं बिहार सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए इस आज़ादी की स्पष्ट सीमाएं तय कर दी हैं. नई ‘बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 2026’ के लागू होते ही फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और अन्य प्लेटफॉर्म पर की जाने वाली हर पोस्ट अब निगरानी के दायरे में होगी. छोटी सी लापरवाही भी नौकरी पर भारी पड़ सकती है.

नीतियों और कोर्ट फैसलों पर बोलना अब ‘जोखिम’

नए नियमों के तहत सरकारी कर्मचारी अब बिना अनुमति के सरकार की नीतियों, योजनाओं या फैसलों पर अपनी निजी राय सार्वजनिक नहीं कर सकेंगे. इतना ही नहीं, Supreme Court of India और हाईकोर्ट के फैसलों पर भी सोशल मीडिया पर टिप्पणी करना प्रतिबंधित कर दिया गया है. यदि कोई कर्मचारी इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो इसे कदाचार माना जाएगा और उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

प्रोफाइल फोटो से लेकर पोस्ट तक

सरकार ने केवल पोस्ट या कमेंट ही नहीं, बल्कि सांकेतिक विरोध के तरीकों पर भी शिकंजा कस दिया है. कर्मचारी अब सोशल मीडिया पर विरोध जताने वाली डीपी, प्रोफाइल फोटो या किसी राजनीतिक दल से जुड़े प्रतीकों का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. इसका मतलब है कि अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी कर्मचारियों को पूरी तरह तटस्थ रहना होगा.

अनुमति के बिना कोई राय नहीं, वरना कार्रवाई तय

नियमावली में साफ कहा गया है कि यदि किसी कर्मचारी को किसी मुद्दे पर अपनी राय रखनी है, तो पहले सक्षम प्राधिकरण से अनुमति लेना अनिवार्य होगा. बिना अनुमति के की गई कोई भी पोस्ट या टिप्पणी नियमों का उल्लंघन मानी जाएगी. यह कदम सरकार की छवि और प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया बताया जा रहा है.

ऑफिस कंटेंट और लाइव स्ट्रीमिंग पर सख्त प्रतिबंध

नए नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सरकारी कर्मचारी अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट के लिए सरकारी ईमेल आईडी या मोबाइल नंबर का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. साथ ही फर्जी प्रोफाइल या नकली पहचान बनाकर पोस्ट करना पूरी तरह प्रतिबंधित है. कार्यालय परिसर के भीतर फोटो, वीडियो, दस्तावेज साझा करना, रील बनाना या लाइव स्ट्रीमिंग करना भी सख्त मना है. इन सभी नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिससे साफ है कि अब सोशल मीडिया पर सरकारी कर्मचारियों की हर गतिविधि जवाबदेही के दायरे में होगी.

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