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डीजल-ATF पर बड़ा झटका, तेल कंपनियों के लिए बुरी खबर! सरकार ने बढ़ाई एक्सपोर्ट ड्यूटी

Diesel export duty increase India: इस फैसले में एक अहम बात यह है कि पेट्रोल को इससे बाहर रखा गया है. पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी पहले की तरह शून्य ही बनी हुई है.

By: Shubahm Srivastava | Published: April 11, 2026 10:39:37 PM IST



ATF Export Duty Hike India: केंद्र सरकार ने 11 अप्रैल 2026 को पेट्रोलियम उत्पादों पर बड़ा फैसला लेते हुए डीजल और जेट फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की. डीजल पर ड्यूटी 21.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. वहीं, जेट फ्यूल पर यह 29.5 रुपये से बढ़कर 42 रुपये प्रति लीटर हो गई है.

पेट्रोल को राहत, बाकी पर असर

इस फैसले में एक अहम बात यह है कि पेट्रोल को इससे बाहर रखा गया है. पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी पहले की तरह शून्य ही बनी हुई है. इससे संकेत मिलता है कि सरकार ने चुनिंदा उत्पादों पर ही दबाव बढ़ाने का फैसला किया है, जबकि आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर कम रखने की कोशिश की गई है.

वैश्विक परिस्थितियों का असर

सरकार का यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता को देखते हुए उठाया गया है. खासकर मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हुई हैं और ब्रेंट क्रूड लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है. ऐसे में भारत ने घरेलू बाजार को सुरक्षित रखने के लिए यह रणनीतिक फैसला लिया है.

घरेलू बाजार और निर्यात के बीच संतुलन

यह बढ़ोतरी विंडफॉल टैक्स स्ट्रक्चर का हिस्सा है, जिसके तहत सरकार समय-समय पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में बदलाव करती है. इसका उद्देश्य रिफाइनरी कंपनियों के मुनाफे और घरेलू जरूरतों के बीच संतुलन बनाना होता है, ताकि देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और कीमतों पर नियंत्रण रखा जा सके.

तेल कंपनियों और कारोबार पर प्रभाव

इस फैसले को तेल कंपनियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. खासकर वे कंपनियां जो डीजल और जेट फ्यूल का निर्यात करती हैं, उनके मुनाफे पर असर पड़ सकता है. हालांकि, सरकार का प्राथमिक लक्ष्य घरेलू बाजार को स्थिर रखना और महंगाई के दबाव को कम करना है, जिससे आम लोगों को राहत मिल सके.

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