Rk family Trust News: दिवंगत संजय कपूर से जुड़े आरके फैमिली ट्रस्ट को लेकर पारिवारिक और कानूनी विवाद गहराता जा रहा है. उनकी मां रानी कपूर ने प्रिया कपूर के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए एक नया ‘सीज-एंड-डेसिस्ट’ नोटिस जारी किया है. 6 अप्रैल को जारी इस नोटिस में साफ कहा गया है कि प्रिया कपूर अब ट्रस्टी नहीं हैं और उन्हें तुरंत इस भूमिका में काम करना बंद करना होगा. इस कदम ने पहले से चल रहे विवाद को और तीखा बना दिया है.
ट्रस्टी पद से हटाने की प्रक्रिया
यह कार्रवाई 21 मार्च को भेजे गए पहले नोटिस के बाद की गई है, जिसमें रानी कपूर ने 2017 के ट्रस्ट डीड के प्रावधानों के तहत प्रिया कपूर को हटाने की प्रक्रिया शुरू की थी. निर्धारित 15 दिनों की नोटिस अवधि खत्म होने के बाद 6 अप्रैल से प्रिया कपूर का ट्रस्टी बने रहना अवैध घोषित कर दिया गया.
रानी कपूर ने विशेष रूप से ‘क्लॉज 8.12(i)’ का हवाला देते हुए कहा कि इस प्रावधान के तहत उन्हें बिना कारण बताए किसी भी ट्रस्टी को हटाने का अधिकार है. उनके अनुसार, इसी अधिकार का प्रयोग करते हुए प्रिया कपूर को हटाया गया है और यह निर्णय पूरी तरह वैध है.
प्रिया कपूर के दावों पर कड़ा जवाब
इस विवाद में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं. प्रिया कपूर ने 24 मार्च और 4 अप्रैल को भेजे गए पत्रों में रानी कपूर को ही ट्रस्टी पद से हटाने की कोशिश की थी. हालांकि, रानी कपूर ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि प्रिया की कार्रवाई कानूनी रूप से कमजोर और अस्थिर है, जिसका ट्रस्ट में उनकी स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ता. इसके अलावा, प्रिया कपूर के उस दावे को भी खारिज किया गया जिसमें उन्होंने रानी कपूर को ‘असमर्थ’ बताया था. रानी कपूर के मुताबिक, अदालत का दरवाजा खटखटाना उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा है, न कि अक्षमता का संकेत.
दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहा मामला
यह पूरा विवाद फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट में विचाराधीन है. रानी कपूर ने ट्रस्ट के गठन, संपत्तियों के हस्तांतरण और इसके संचालन को चुनौती दी है. उनका आरोप है कि ट्रस्ट में शामिल कई संपत्तियां कानूनी रूप से उनकी हैं. उन्होंने यह भी दावा किया है कि जून 2025 में संजय कपूर के निधन के बाद, उन्हें उनकी ही संपत्ति से बेदखल करने के लिए ट्रस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस वजह से मामला सिर्फ पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि संपत्ति और अधिकारों की बड़ी कानूनी लड़ाई बन चुका है.
प्रक्रियात्मक खामियों का मुद्दा
रानी कपूर ने प्रिया कपूर की कार्रवाइयों में कई प्रक्रियात्मक खामियां भी गिनाई हैं. उनके अनुसार, किसी भी ट्रस्टी को हटाने के लिए सभी ट्रस्टियों की सहमति आवश्यक होती है, जो प्रिया कपूर ने नहीं ली. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल अदालत की ओर से ट्रस्ट के संचालन पर कोई स्टे ऑर्डर नहीं है. ऐसे में प्रिया कपूर द्वारा लिए गए फैसलों को वैध नहीं माना जा सकता, क्योंकि वह अब आधिकारिक रूप से ट्रस्टी नहीं हैं.
प्रिया कपूर को सख्त चेतावनी
नोटिस में रानी कपूर ने प्रिया कपूर को सख्त चेतावनी दी है कि ट्रस्टी पद से हटाए जाने के बाद उनके द्वारा लिया गया कोई भी निर्णय अवैध और अनधिकृत माना जाएगा. इसके लिए उन्हें सिविल और आपराधिक परिणामों का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही, उन्होंने प्रिया कपूर से ट्रस्ट से जुड़े सभी दस्तावेज, रिकॉर्ड और अन्य सामग्री तुरंत सौंपने को कहा है. चूंकि मामला अभी अदालत में लंबित है, इसलिए ट्रस्ट और उसकी संपत्तियों पर नियंत्रण को लेकर यह विवाद आगे और तेज होने की संभावना है.
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