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83 हजार व्हाट्सएप अकाउंट, 8 लाख SIM ब्लॉक! साइबर ठगों पर सरकार की डिजिटल स्ट्राइक

Cyber Fraud Action: यह अभियान 2025 से लगातार चल रहा है और इसका मकसद ऑनलाइन फ्रॉड के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है.

By: Shubahm Srivastava | Published: March 30, 2026 5:27:24 PM IST



MHA Cyber Crackdown: गृह मंत्रालय की साइबर विंग I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़े स्तर पर डिजिटल कार्रवाई करते हुए हजारों अकाउंट्स, सिम कार्ड और डिवाइस को ब्लॉक किया है. यह अभियान 2025 से लगातार चल रहा है और इसका मकसद ऑनलाइन फ्रॉड के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है. इस दौरान अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे डिजिटल माध्यमों को निशाना बनाकर उनकी गतिविधियों को रोकने की कोशिश की गई है.

व्हाट्सएप और स्काइप अकाउंट्स पर सख्ती

कार्रवाई के तहत 83,867 व्हाट्सएप अकाउंट और 3,962 स्काइप आईडी को पूरी तरह बंद कर दिया गया है. ये अकाउंट्स साइबर ठगी, फर्जी कॉल और अन्य धोखाधड़ी गतिविधियों में शामिल पाए गए थे. सरकार का मानना है कि इन प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग रोकना जरूरी है, क्योंकि यही माध्यम आम लोगों तक पहुंचने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं.

सिम कार्ड और IMEI नंबर ब्लॉक

एनसीआरपी (National Cyber Crime Reporting Portal) के जरिए 8.45 लाख संदिग्ध सिम कार्ड और 2.39 लाख मोबाइल IMEI नंबर ब्लॉक किए गए हैं. ये वे सिम और डिवाइस थे, जिनका इस्तेमाल बार-बार धोखाधड़ी के मामलों में हो रहा था. इस कदम से अपराधियों के लिए नए नंबरों और डिवाइस के जरिए फ्रॉड करना मुश्किल हो गया है.

फर्जी ऐप्स और कंटेंट हटाने की कार्रवाई

सरकार ने 827 मोबाइल ऐप्स को बैन किया है, जो खासतौर पर साइबर फ्रॉड के लिए बनाए गए थे. इसके अलावा, Sahyog Portal के जरिए 1,11,185 संदिग्ध ऑनलाइन कंटेंट को इंटरनेट से हटाया गया है. यह कार्रवाई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर फैल रहे फर्जी और भ्रामक कंटेंट को नियंत्रित करने के लिए की गई है, जिससे आम लोग ठगी का शिकार न बनें.

एजेंसियों के साथ समन्वय और आगे की रणनीति

इस पूरे अभियान में पुलिस, दूरसंचार विभाग और टेलीकॉम कंपनियों का अहम सहयोग रहा है. मंत्रालय अब उन गिरोहों की पहचान करने में जुटा है, जो फर्जी पहचान पत्रों के जरिए सिम और अकाउंट्स ऑपरेट कर रहे थे. I4C की इस सक्रियता से साइबर अपराधियों में हड़कंप मचा है और भविष्य में ऐसे नेटवर्क पर और सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.

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