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Harish Rana Case: 13 साल तक बेटे को तड़पता देख हारा परिवार, SC ने दी ‘इच्छा मृत्यु’ की इजाजत!

Harish Rana Case: 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने हरीश की हालत देखते हुए डॉक्टर्स की सलाह पर उनका 'लाइफ सपोर्ट' हटाने की इजाजत दे दी हैं, कोर्ट का कहना है कि किसी इंसान को एक मशीन के जरिए सालों तक जिंदा रखना उनकी गरिमा के खिलाफ है, आज हरीश का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें डॉक्टर्स उन्हें टीका लगाते हुए दुनिया से अलविदा कहने को बोल रहे हैं, जिसे देख आज पूरा भारत भावुक हो गया है...

By: Sumaira Khan | Published: March 15, 2026 2:34:02 PM IST

Harish Rana Case: यह कहानी है हरीश राणा नाम के एक लड़के की, जो 2013 में हुए थे एक हादसे के शिकार, चंडीगढ़ में रहने वाले हरीश अपनी बहन से बात करते समय चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे, जिसके बाद उनके दिमाग में गहरी चोट आई, जिसके बाद उनकी पूरी बॉडी ने काम करना बंद कर दिया था, और डॉक्टर्स ने उन्हें ‘परमानेंट वेजिटेटिव स्टेट’ में डाल दिया था, जिसका सीधा मतलब है कि 13 सालों  से न तो वो कुछ बोल सकते थे, न ही हिल सकते थे और न ही वो अपने होश में थे, कहा जाए तो एक जिंदा लाश बन कर रह गए थे हरीश राणा

बेटे को इतने सालों तक तड़पता देख माता-पिता का दिल छलनी हो जाता था, न ही इलाज के लिए पैसे बच रहे थे न ही बची थी कोई उम्मीद, थक हारकर उन्होंने अदालत से मांग की, अपने बेटे को इच्छा मृत्यु (Euthanasia) देने की, दिल्ली हाई कोर्ट से इजाजत न मिलने के कारण मां बाप मजबूर होकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, अब आकर 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने हरीश की हालत देखते हुए डॉक्टर्स की सलाह पर उनका ‘लाइफ सपोर्ट’ हटाने की इजाजत दी, कोर्ट का कहना है कि किसी इंसान को एक मशीन के जरिए सालों तक जिंदा रखना उनकी गरिमा के खिलाफ है, आज हरीश का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें डॉक्टर्स उन्हें टीका लगाते हुए दुनिया से अलविदा कहने को बोल रहे हैं, जिसे देख आज पूरा भारत भावुक हो गया है. 

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