Burning Eyes Reasons: आजकल अधिकतर लोग आंखों में जलन, सूखेपन और किरकिराहट महसूस करते हैं. अक्सर लोग सोचते हैं कि ज्योदा मोबाइल-लेपटॉप देखने के कारण यह समस्या होती है. लेकिन आंखों के डॉक्टरों के मुताबिक, कई ऐसे मरीज भी होते हैं, जो ज्यादा स्क्रिन का इस्तेमाल नहीं करते हैं, लेकिन फिर भी उनकी आंखों में जलन और सूखापन रहता है.
क्यों होती है यह परेशान ?
दरअसल, हमारी आंखों की सतह पर एक पतली से परत होती है. जिसे टियर फिल्म के नाम से जाना जाता है. यह परत आंखों को नम बनाए रखने में मदद करती है और उन्हें आराम महसूस कराती है. लेकिन जब इसका संतुलन बिगड़ जाता है, तो आंखों में सूखापन, जलन और खुजली जैसे परेशानी होने लगती है. विशेषज्ञों के मुताबिक, आपकी लाइफस्टाइल के कुछ आदतों के कारण ऐसा होता है.
कितने लोगों के है ये दिक्कत?
इंडियन जर्नल ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी की एक स्टडी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में करीब 32 प्रतिशत लोगों के ड्राई आई की समस्या है. रिसर्चर के मुताबिक, इसके पीछे एनवायरमेंट, उम्र और लाइफस्टाइल अहम भूमिका निभाते हैं. ड्राई आई सिंड्रोम दुनियाभर में आम समस्या बन चुकी है. यह स्थिति तब होती है, जब आंखों में आंसू नहीं बनते या फिर आंसू जल्दी सूख जाते हैं. आंसू में केवल पानी नहीं होता है, बल्कि उनमें तेल, म्यूकस और कुछ प्रोटीन जिसके कारण आंखें इंफेक्शन से बची रहती है.
क्या है इसके कारण?
- शरीर में पानी की कमी.
- विटामिन A, D और ओमेगा-3 जैसे पोषक तत्वों की कमी.
- बढ़ता प्रदूषण आंखों में जलन बढ़ा सकते हैं.
- एयर कंडीशनर की हवा में नमी की कमी होती है.
- पलक झपकाने की आदत का कम हो जाना.
- एलर्जी भी कई बार आंखों में जलन पैदा करती है.
- फफूंदी या पालतू जानवरों के बाल आंखों की आसपास के स्किन में सूजर पैदा करती है.
क्या है इसके बचाव?
एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए. समय-समय पर अपनी आंखों को आराम दें और जरुरत पड़ने पर आंखों की जांच कराएं. छोटी-छोटी आदतों में सुधार करके, आंखों में सुधार लाया जा सकता है.
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