PM Modi Cabinet Meeting News: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई. सबसे प्रमुख निर्णय के तहत केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. यह मांग लंबे समय से उठ रही थी. अब यह प्रस्ताव संसद और राज्य विधानसभा में पारित होने के बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा.
रेलवे के तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी
रेलवे क्षेत्र में तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी गई. जबलपुर से गोंदिया तक 231 किमी लंबी नई रेल लाइन को मंजूरी मिली है, जिसकी लागत 5236 करोड़ रुपये होगी और इसे पांच साल में पूरा किया जाएगा. पश्चिम बंगाल में पुनरख से क्यूल तक 50 किमी लंबी रेल लाइन 2268 करोड़ रुपये की लागत से तीन साल में तैयार होगी. वहीं, गम्हरिया से चांडिल तक 26 किमी लंबी रेल परियोजना को भी मंजूरी दी गई है, जिस पर 1168 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
श्रीनगर एयरपोर्ट को बड़ा तोहफा
नागरिक उड्डयन क्षेत्र में श्रीनगर एयरपोर्ट पर 1667 करोड़ रुपये की लागत से नई इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग बनाई जाएगी. धारा 370 हटने के बाद बढ़े एयर ट्रैफिक को देखते हुए यह विस्तार किया जा रहा है. चार साल में तैयार होने वाले इस प्रोजेक्ट के बाद एयरपोर्ट की क्षमता 950 यात्रियों से बढ़कर 2990 यात्रियों तक हो जाएगी.
अहमदाबाद मेट्रो फेज को मिलेगी रफ्तार
इसके अलावा अहमदाबाद मेट्रो फेज-2 को 1067 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई है. पावर सेक्टर में सुधार के तहत पावर ग्रिड कॉरपोरेशन की निवेश सीमा 5000 करोड़ से बढ़ाकर 7000 करोड़ रुपये कर दी गई है. वहीं, जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 275 रुपये की बढ़ोतरी कर इसे 5925 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है.
केरल का नाम केरलम
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केरल का नाम बदलकर केरलम करने के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “जब से भाषा के आधार पर राज्यों का पुनर्गठन हुआ है, तब से यह ज़ोरदार मांग उठ रही है कि राज्य का नाम मलयालम भाषा के हिसाब से बदलकर केरलम किया जाए. आज, केंद्रीय कैबिनेट ने इस मांग को मंज़ूरी दे दी है. हालांकि, यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है जिसमें राज्य विधानसभा की अहम भूमिका होती है. कैबिनेट के फैसले के बाद, माननीय राष्ट्रपति ‘केरल (नाम बदलने) बिल, 2026’ को राज्य विधानसभा को भेजेंगे. वहां से औपचारिक फैसला और मंज़ूरी मिलने के बाद ही भारत सरकार अगला कदम उठाएगी और बिल को संसद में पेश करेगी.”