Home > मनोरंजन > बॉलीवुड > सिर्फ नाम नहीं, एक इमोशन है, जानिए क्यों मां का नाम जोड़ते हैं संजय लीला भंसाली?

सिर्फ नाम नहीं, एक इमोशन है, जानिए क्यों मां का नाम जोड़ते हैं संजय लीला भंसाली?

Sanjay Leela Bhansali : संजय लीला भंसाली ने अपनी मां का नाम अपने नाम में शामिल कर एक अनोखी मिसाल पेश की है. यह फैसला कोई अचानक लिया फैसला नहीं था. बल्कि इस फैसले के पीछ दर्द, संघर्ष और एक मां की मेहनत छिपी हुई है.

By: Preeti Rajput | Published: February 24, 2026 9:12:49 AM IST



Sanjay Leela Bhansali : बॉलीवुड की दुनिया में कई बड़े नाम शामिल हैं, लेकिन कुछ नाम ऐसे होते हैं जिनके पीछे की कहानी बेहद अलग और इमोशनल है. संजय लीला भंसाली का नाम भी उसी लिस्ट में शुमार है. उनके नाम के बीच में ‘लीला’ सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि एक इमोशन है, जो एक बेटे का अपनी मां के प्रति नतमस्तक है. वैसे अधिकांश लोग अपने नाम के साथ पिता का नाम जोड़ते हैं, खासकर भारत जैसे पुरूष प्रधान देश में, लेकिन भंसाली ने अपनी मां का नाम अपने नाम में शामिल कर एक अनोखी मिसाल पेश की है. यह फैसला कोई अचानक लिया फैसला नहीं था. बल्कि इस फैसले के पीछ दर्द, संघर्ष और एक मां की मेहनत छिपी हुई है.

संजय के पिता भी इंडस्ट्री में करते थे काम 

संजय के पिता भी फि. इंडस्ट्री से जुड़े थे, लेकिन उन्हें कभी सफलता नहीं मिली. जिसके कारण वह पूरी तरह से टूट गए और शराब की लत में डूब गए. घर के हालात बिगड़ते चले गए और ऐसे मुश्किल समय में संजय की मां लीला भंसाली ने परिवार की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली. 

क्यों लगाया मां का नाम? 

संजय की मां गायिका और डांसर थीं. साथ ही उन्हें कभी-कभी फिल्मों में छोटे रोल भी मिलते थे, लेकिन उससे घर नहीं चलता था. उन्होंने साड़ियों में फॉल लगाने जैसे छोटे-छोटे काम कर और दिन रात मेहनत कर अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने का संकल्प लिया. संजय ने अपनी मां को संघर्ष करते हुए देखा और हमेशा हर बार मजबूत होते हुए देखा. यही संघर्ष उनके व्यक्तित्व की नींव बना. स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद संजय ने पुणे के फि. एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (FTII) में दाखिला लिया. सिनेमा सीखने के बाद उन्होंने अपने सपनों को आकार देना शुरु किया. मुंबई आने के बाद उन्होंने  फि. परिंदा में सहायक निर्देशक के रुप में काम करने का मौका मिला. 

विजय देवरकोंडा नहीं, तो किसे टूट कर चाहती थीं रश्मिका मंदाना; आखिर किसके नाम की पहन चुकी थीं अंगूठी?

इस तरह दिया मां को सम्मान 

जब फिल्म के क्रेडिट्स में नाम लिखने की बारी आई, तब उन्होंने पहली बार अपना नाम “संजय लीला भंसाली” बताया. यह सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि उनके मां के संघर्ष को समर्पित आजीवन श्रद्धांजलि थी. भंसाली ने अपने करियर में ऐसी फिल्में दीं, जो सिर्फ कहानी नहीं कहतीं, बल्कि दर्शकों को एक अलग दुनिया में ले जाती हैं. संजय लीला भंसाली की प्रमुख फिल्म में हम दिल दे चुके सनम, देवदास, बाजीराव मस्तानी, पद्मावत, गंगूबाई काठियावाड़ी जैसी सुपरहिट फिल्में सामिल हैं. इनफिल्मके सफल होने का कारण संजय के मेहनत, , गहरे भाव, शक्तिशाली संगीत और स्त्री पात्रों की मजबूती है. उन्हें अपनी मां से ही विरासत में मिली. भंसाली की अगली बड़ी फि. Love & War को लेकर जबरदस्त चर्चा है. इसके अलावा वह एक ऐतिहासिक पीरियड ड्रामा Jai Somnath पर काम कर रहे हैं.

Rashmika-Vijay Wedding: रश्मिका–विजय की वेडिंग डेट फिक्स, इस शुभ मुहूर्त पर लेंगे सात फेरे! जानें कब से शुरू होंगी रसमें?

Advertisement