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4200 मीटर रनवे वाला मेगा एयरपोर्ट, बिहार को मिलेगी नई उड़ान; क्या है सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना

Indias 5th Largest Airport: परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता 4200 मीटर लंबे धावन पथ की योजना है. इतनी लंबाई बड़े यात्री और मालवाहक विमानों के सुरक्षित संचालन के लिए उपयुक्त मानी जाती है.

By: Shubahm Srivastava | Published: February 20, 2026 11:04:14 PM IST



Sonpur Green Airport: सारण जिले के सोनपुर में प्रस्तावित हरित क्षेत्रीय हवाई अड्डा परियोजना अब क्रियान्वयन के महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है. बिहार सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग ने विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कराने के लिए औपचारिक रूप से निविदा जारी कर दी है. इसे परियोजना को जमीन पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. निर्माण पूर्ण होने पर यह हवाई अड्डा देश के प्रमुख और बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकता है तथा अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा.

विभाग की समय-सारिणी के अनुसार निविदा प्रपत्र 6 फरवरी 2026 से उपलब्ध हैं. 14 फरवरी को अपराह्न 3 बजे पटना स्थित विभागीय सभागार में पूर्व-निविदा बैठक आयोजित की जाएगी, जहां इच्छुक एजेंसियों को तकनीकी और प्रशासनिक जानकारियां दी जाएंगी. प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 27 फरवरी 2026, अपराह्न 3 बजे तक निर्धारित है. तकनीकी निविदाएं 10 मार्च को खोली जाएंगी, जबकि 17 मार्च को दोपहर 12 बजे से तकनीकी प्रस्तुति होगी. वित्तीय निविदा की तिथि बाद में घोषित की जाएगी. पूरी प्रक्रिया द्वि-लिफाफा प्रणाली के तहत होगी, जिसमें पहले तकनीकी पात्रता का मूल्यांकन और फिर योग्य संस्थाओं की वित्तीय बोली खोली जाएगी.

परियोजना की मुख्स विशेषता

परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता 4200 मीटर लंबे धावन पथ की योजना है. इतनी लंबाई बड़े यात्री और मालवाहक विमानों के सुरक्षित संचालन के लिए उपयुक्त मानी जाती है. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक यात्री टर्मिनल भवन, कार्गो टर्मिनल, भंडारण क्षेत्र और आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी. अग्निशमन और आपदा प्रबंधन प्रणाली, उन्नत वायु यातायात नियंत्रण (एटीसी) व्यवस्था तथा आधुनिक सुरक्षा और निगरानी तंत्र भी परियोजना का हिस्सा होंगे. भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए विस्तार की संभावनाएं भी योजना में शामिल की जाएंगी.

देश के प्रमुख महानगरों से कनेक्टिविटी होगी सुगम  

प्रस्तावित हवाई अड्डे को 24 घंटे संचालित करने की योजना है, जिससे दिन-रात विमानों की आवाजाही संभव हो सकेगी. इससे बिहार को देश के प्रमुख महानगरों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय शहरों से सीधी कनेक्टिविटी मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा. यह हवाई अड्डा सोनपुर-छपरा चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग के उत्तर, गंडक नदी के पश्चिम दरियापुर चंवर क्षेत्र में प्रस्तावित है, जबकि पूरब में सोनपुर-बेतिया मार्ग स्थित है. पटना से बेहतर संपर्क के लिए समानांतर नए पुलों का निर्माण भी प्रगति पर है, जिससे राजधानी और सोनपुर के बीच आवागमन सुगम होगा.

बिहार के बाकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर नजर

वर्तमान में पटना का जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सीमित क्षमता और लगभग 2050 मीटर लंबे रनवे के कारण विस्तार की चुनौतियों का सामना कर रहा है. वहीं निर्माणाधीन बिहटा हवाई अड्डे की रनवे लंबाई लगभग 2500 मीटर तक ही संभव है. ऐसे में बढ़ती आबादी और यात्रियों की संख्या को देखते हुए बड़े और आधुनिक हवाई अड्डे की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. सोनपुर परियोजना को इसी दीर्घकालिक समाधान के रूप में देखा जा रहा है.

इस परियोजना से उत्तर बिहार में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है. होटल, परिवहन, पर्यटन और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे. भूमि अधिग्रहण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है और डीपीआर तैयार होने के बाद निर्माण कार्य को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा.

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