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हरदोई में इंसानों नहीं, बकरियों का मना धूमधाम से बर्थडे! कार्ड छपवाकर बुलाए 200 मेहमान, वीडियो देख रह जाएंगे हैरान

Bakri Viral Video: इंसानों का बर्थडे मनाना तो आम है लेकिन क्या आपने कभी बकरी का बर्थडे मनाया है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देख लोग काफी मजे कर रहे हैं-

By: sanskritij jaipuria | Published: February 16, 2026 2:08:44 PM IST



Bakri Viral Video: आजकल लोग अपने जन्मदिन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं. दोस्तों और रिश्तेदारों की शुभकामनाएं मिलती हैं और जश्न की झलक सब तक पहुंचती है. लेकिन उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में कुछ ऐसा हुआ जिसने सभी को चौंका दिया. यहां इंसानों का नहीं, बल्कि दो बकरियों का जन्मदिन पूरे उत्साह के साथ मनाया गया.

ये अनोखा आयोजन उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की सदर तहसील के गौरा डांडा गांव में हुआ. गांव के पशुपालक लालाराम श्रीवास्तव ने अपनी दो बकरियों ‘स्वीटी’ और ‘मोनिका’ का जन्मदिन खास तरीके से मनाया. उन्होंने इस मौके पर गांव के लोगों को छपे हुए कार्ड देकर आमंत्रित किया. निमंत्रण मिलने के बाद ग्रामीण भी इस अनोखे जश्न को देखने और उसमें शामिल होने के लिए उत्साहित नजर आए.

 धार्मिक कार्यक्रमों के साथ हुई शुरुआत

जन्मदिन समारोह की शुरुआत धार्मिक कार्यक्रमों से की गई. गांव में रामायण और भागवत कथा का पाठ कराया गया. बकरियों को पहले नहलाया-धुलाया गया, फिर उन्हें फूलों की मालाएं पहनाई गईं और नए कपड़े भी पहनाए गए. पूरा माहौल भक्ति और उत्साह से भरा हुआ था.

इस आयोजन के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं और लोग इस अनोखे जश्न को देखकर हैरान भी हैं और खुश भी.

 डीजे और दावत का इंतजाम

शाम होते-होते माहौल और भी रंगीन हो गया. डीजे की धुनों पर गांव के बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी ने जमकर नाच-गाना किया. 14 फरवरी की रात करीब 200 लोगों के लिए दावत का आयोजन किया गया था.

बताया जा रहा है कि लालाराम ने पिछले साल भी इसी तरह बकरियों का जन्मदिन मनाया था. उस समय लगभग 300 मेहमानों को बुलाया गया था और 51 कन्याओं को भोजन कराया गया था.

 पशु-प्रेम की मिसाल

ग्रामीणों का कहना है कि ये केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पशुओं के प्रति स्नेह की मिसाल है. लालाराम अपनी बकरियों को परिवार का हिस्सा मानते हैं.

आज के समय में जहां लोग अक्सर रिश्तों में दूरी महसूस करते हैं, वहीं इस तरह का आयोजन ये दिखाता है कि इंसान और पशु के बीच भी गहरा जुड़ाव हो सकता है. ये घटना लोगों को बेजुबान जानवरों के प्रति दया और संवेदनशीलता का संदेश देती है.

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