Gold Price Today 16 February | Gold Rate Today | Aaj Ka Sone ka Bhav: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई. सर्राफा बाजार के आंकड़ों के अनुसार चांदी की कीमत में 7,940 रुपये की कमी आई और ये करीब 2.38 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई. वहीं सोना 1,250 रुपये सस्ता होकर लगभग 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर आ गया. कीमतों में आई इस नरमी से बाजार में हलचल देखी गई.
एमसीएक्स पर क्या रहा भाव
Multi Commodity Exchange of India (एमसीएक्स) पर पिछले कारोबारी सत्र में मार्च एक्सपायरी वाली चांदी में तेजी देखने को मिली. ये 7,280 रुपये यानी करीब 3.08 प्रतिशत बढ़कर 2,43,715 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई.
इसी तरह अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना 2,819 रुपये यानी 1.84 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,55,655 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. हाल की तेजी के बाद बाजार में खरीदारी का रुझान तो बना है, लेकिन ऊंचे दामों के कारण कई खरीदार अभी भी सावधानी बरत रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति
वैश्विक बाजार में 16 फरवरी को हल्की गिरावट देखी गई. एशियाई कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड लगभग 0.27 प्रतिशत गिरकर 5,033 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. वहीं स्पॉट सिल्वर में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट रही और ये 76.34 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा.
पिछले महीने के अंत में सोना 5,600 डॉलर प्रति औंस से ऊपर तक पहुंच गया था. हालांकि फरवरी की शुरुआत में तेज बिकवाली के कारण कीमतें 4,500 डॉलर से नीचे फिसल गई थीं. फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सोना अपने नुकसान का कुछ हिस्सा वापस हासिल कर चुका है.
उतार-चढ़ाव की वजह
जानकारों का कहना है कि अमेरिका के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों में जनवरी के दौरान 0.2 प्रतिशत की नरमी आई है. इससे महंगाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई है. साथ ही, Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना भी मजबूत हुई है.
आम तौर पर जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो सोना और चांदी जैसे ऐसे निवेश साधन जिन पर ब्याज नहीं मिलता, उनकी मांग बढ़ सकती है. यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय संकेतों का असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है.
आगे क्या?
फिलहाल सोने-चांदी की कीमतों में तेजी और गिरावट का दौर जारी है. निवेशक और खरीदार दोनों ही बाजार की दिशा को लेकर सतर्क हैं. आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेत और केंद्रीय बैंकों के फैसले कीमतों की चाल तय कर सकते हैं.